सोशल मीडिया पर पाकिस्तान का बताकर एक दिल दहला देने वाला वीडियो काफी शेयर किया जा रहा है. कहा जा रहा है कि पाकिस्तान में अजान के दौरान एक गुरुद्वारे से गुरबानी की आवाज आ रही थी, जिसके बाद गुरुद्वारे पर हमाला कर दिया गया. वीडियो किसी इमारत के अंदर का है, जहां जमीन पर लाशें पड़ी हैं. चीख पुकार की आवाज आ रही है. लोग रोते हुए वाहे गुरु का नाम ले रहे हैं.
वीडियो को शेयर करते हुए एक ट्विटर यूजर ने लिखा, "#पाकिस्तान. अजान के समय #गुरुद्वारे से आ रही थी लाउडस्पीकर पर गुरबाणी की आवाज. अब नहीं आएगी. और खिलाओ बिरयानी". पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
'आजतक फैक्ट चेक' ने पाया कि ये वीडियो न तो पाकिस्तान का है और न ही हाल-फिलहाल का है. वीडियो काबुल, अफगानिस्तान के हर राय साहिब गुरुद्वारे में 25 मार्च, 2020 को हुए आतंकी हमले के बाद का है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
हमने देखा कि कुछ लोगों ने वीडियो पर कमेंट किया है कि ये घटना अफगानिस्तान में हुई थी.

इस जानकारी की मदद से खोजबीन करने पर हमें साल 2020 में काबुल के एक गुरुद्वारे पर हुए आतंकी हमले से संबंधित 'एसोसिएटेड प्रेस' की एक वीडियो रिपोर्ट मिली.
रिपोर्ट में उस गुरुद्वारे को दिखाया गया है, जहां ये खौफनाक घटना हुई थी. वीडियो के शुरुआती हिस्से में हमें वायरल वीडियो से मिलती-जुलती कई चीजें दिखीं. जैसे- रेलिंग का डिजाइन, छत पर टंगा झूमर और दीवार पर लिखे पंजाबी शब्द.

'हू पोस्टेड वॉट' नाम के टूल की मदद से हमें इस घटना से संबंधित साल 2020 के कई फेसबुक पोस्ट मिले. ऐसे ही एक पोस्ट में हमें वायरल वीडियो से मिलता-जुलता एक वीडियो मिला. इस वीडियो में स्लेटी टी-शर्ट और खाकी पैंट वाला एक शख्स नजर आता है. यही नहीं, दोनों वीडियोज में दिख रहे दो मृतक एकदम एक-जैसे हैं.

इसके अलावा हमनें अफगानिस्तान की खबरों को कवर करने वाले पत्रकार मुजाहिद अंद्राबी को भी वायरल वीडियो भेजा. उनका कहना था कि ये वीडियो अफगानिस्तान के गुरुद्वारे का ही है. इसमें शवों को उठा रहे कुछ लोग पूर्व अफगानी सेना के जवान हैं.
काबुल के इस गुरुद्वारे में 25 मार्च, 2020 को आतंकी हमला हुआ था जिसमें 25 लोगों की जान चली गई थी. खबरों के मुताबिक ये हमला ISIS-हक्कानी नेटवर्क के आतंकियों ने किया था. साफ है, अफगानिस्तान के एक गुरुद्वारे में तीन साल पहले हुए एक आतंकी हमले के वीडियो को पाकिस्तान का बताया जा रहा है.