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फैक्ट चेक: तमिलनाडु में नहीं लगाया गया है ‘गो बैक मोदी’ स्लोगन वाला बोर्ड, ये फोटो फर्जी है

सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी के तमिलनाडु दौरे से पहले उनका विरोध किया जा रहा है. लेकिन सच्चाई यह है कि यह फोटो फर्जी है. इसे एडिट कर तैयार किया गया है.

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इस फेक फोटो को ही सोशल मीडिया में वायरल किया जा रहा है. इस फेक फोटो को ही सोशल मीडिया में वायरल किया जा रहा है.

26 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैदराबाद और चेन्नई का दौरा करेंगे. चेन्नई में वो तकरीबन 31 हजार करोड़ रुपये कीमत वाली 11 परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे.
 
पीएम की इस यात्रा से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर पीले रंग के एक बोर्ड की फोटो वायरल हो गई है जिस पर काले रंग से लिखा है, ‘गो बैक मोदी’.
 
‘#gobackmodi’ हैशटैग के साथ इस फोटो को शेयर करते हुए कई लोग कह रहे हैं कि ये बोर्ड पीएम मोदी का विरोध करने के मकसद से उनके तमिलनाडु दौरे से ठीक पहले वहां के रेलवे स्टेशन में लगाया गया है. 
 
एक ट्विटर यूजर ने इस फोटो के साथ लिखा, “#gobackmodi हम तुमसे नफरत करते हैं.”
 
हादसा
 
इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है. 
 
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि सोशल मीडिया पर वायरल फोटो फर्जी है. असली रेलवे स्टेशन बोर्ड की फोटो में तीन भाषाओं में कन्याकुमारी लिखा हुआ है, न कि ‘गो बैक मोदी’. ये फोटो एड हेनली नाम के फोटोग्राफर ने साल 2016 में खींची थी. 
 
कैसे पता लगाई सच्चाई?

वायरल फोटो को रिवर्स सर्च करने से ये हमें ‘क्वार्ट्स इंडिया’वेबसाइट के 17 मार्च 2017 के एक लेख में मिली. ये लेख एड हेनली नाम के एक कनाडाई लेखक और फोटोग्राफर ने लिखा था. इसमें एड ने अपनी डिब्रूगढ़ से कन्याकुमारी तक की 85 घंटे की ट्रेन यात्रा के बारे में बताया है. 
 
इस लेख के अंत में एक पीले ट्रेन स्टेशन बोर्ड की तस्वीर है जो वायरल फोटो से काफी मिलती-जुलती है. दोनों की तुलना करने पर ये बात साफ हो जाती है कि वायरल फोटो, इसी फोटो को एडिट करके बनाई गई है. 
 
हादसा
 
असली फोटो में अंग्रेजी, हिंदी और तमिल भाषा में कन्याकुमारी लिखा है. यानी, वायरल फोटो में ‘गो बैक मोदी’ स्लोगन अलग से जोड़ा गया है. 
 
एड हेनली के यूट्यूब चैनल पर मौजूद 3 मार्च 2016 के एक वीडियो में भी ये फोटो 1 मिनट 41 सेकंड पर देखी जा सकती है. 
 

यानी, साफ है कि साल 2016 की एक रेलवे बोर्ड की तस्वीर को एडिट करके उसके जरिये पीएम मोदी को निशाना बनाया जा रहा है.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

पीएम नरेंद्र मोदी के 26 मई के तमिलनाडु दौरे से ठीक पहले वहां के एक रेलवे स्टेशन बोर्ड पर ‘गो बैक मोदी’ लिख दिया गया है.

निष्कर्ष

ये फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से बनाई गई है. असली फोटो साल 2016 की है और उसमें तीन भाषाओं में कन्याकुमारी लिखा है, न कि ‘गो बैक मोदी’.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
सोशल मीडिया यूजर्स
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