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फैक्ट चेक: क्या बेगूसराय में कन्हैया के दोस्त जिग्नेश मेवाणी की पिटाई हुई?

दैनिक भारत नाम के एक न्यूज़ ब्लॉग ने भी सोशल मीडिया की इन पोस्ट्स को आधार बनाते हुए खबर छापी लेकिन उन्होंने बार बार ज़िक्र किया कि वे इस खबर के सच होने की पुष्टि न कर पाए.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
जिग्नेश मेवाणी को बेगूसराय के युवाओं ने पीटा
ट्विटर यूज़र शरण शुक्ला और फेसबुक पेज मोदीनामा
सच्चाई
ये तस्वीर गुजरात के अहमदाबाद की है जिसे फरवरी 2018 में क्लिक किया गया था.

गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी की एक फोटो सोशल मीडिया पर खूब धूम मचा रही है जिसमें वे लोगों से उलझते हुए दिखाई दे रहे हैं. फोटो के साथ दावा ये किया जा रहा है कि जिग्नेश मेवाणी और उनके साथियों को बेगूसराय के युवाओं ने जमकर पीटा. इस फोटो को ट्विटर यूजर मुरारी शरण शुक्ल ने ट्वीट किया.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि पोस्ट में किया गया दावा भ्रामक है. फोटो बेगूसराय की नहीं अहमदाबाद की है. इस ट्वीट को लगभग 400 से भी ज़्यादा लोगों ने रीट्वीट किया. पोस्ट के साथ लिखा गया- "ये गुजरात नहीं है, बेगूसराय की धरती है. यहां के लोग बतियाते कम हैं लतियाते ज़्यादा हैं."

फोटो का आर्काइव आप यहां देख सकते हैं.

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पूर्व जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के समर्थन के लिए गुरुवार को विधायक जिग्नेश मेवाणी बेगूसराय पहुंचे. कन्हैया सीपीआई के टिकट से वहां चुनाव लड़ रहे हैं.

इस फोटो को फेसबुक के एक पेज मोदीनामा ने भी शेयर किया जिसे अब तक लगभग 300 लोगों ने शेयर किया है.

दैनिक भारत नाम के एक न्यूज़ ब्लॉग ने भी सोशल मीडिया की इन पोस्ट्स को आधार बनाते हुए खबर छापी लेकिन उन्होंने बार बार ज़िक्र किया कि वे इस खबर के सच होने की पुष्टि न कर पाए.

गूगल रिवर्स इमेज सर्च तकनीक का इस्तेमाल करते हुए AFWA असली फोटो तक पहुंचा. यह फोटो दरअसल अहमदाबाद गुजरात का है जिसे फरवरी 2018 में क्लिक किया गया था.

18 फरवरी 2018 को वडगाम के विधायक और उनके साथियों को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. मेवाणी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. ये खबर तब प्रमुखता से छपी थी.

ख़बरों की हेडलाइन को यूट्यूब पर खोजते हुए AFWA एक वीडियो तक पहुंची जिसे कई समाचार चैनलों ने चलाया था. उन्हीं में से एक वीडियो न्यूज़ 24 का मिला. इस वीडियो से साफ़ हो गया कि ये फोटो इस वीडियो से लिया गया एक स्क्रीनशॉट है. वीडियो में 23वें सेकंड पर आप फोटो का फ्रेम देख सकते हैं.

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जिग्नेश मेवाणी ने खुद इस फोटो को उस समय ट्वीट किया था.

इन सब तथ्यों के आधार पर ये कहा जा सकता है कि वायरल हुई फोटो भ्रामक है और बेगूसराय में जिग्नेश मेवाणी के साथ कोई मारपीट नहीं हुई.

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