दिवाली का अवसर है. वैसे तो दीपक जलाने और पटाखे छुड़ाने का मौका है लेकिन इस बार चलिए देश के मशूहर हास्य कवियों के साथ ठहाके छुड़ाकर दिवाली मनाते हैं.