बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर को गए कई महीने गुजर चुके हैं, लेकिन उनके जाने से पैदा हुआ शून्य आज भी भरा नहीं है. इस कमाल के अभिनेता को अभी भी याद किया जाता है, उन्हें अभी भी ट्रिब्यूट दिया जाता है. ऋषि कपूर का परिवार भी सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें शेयर कर उनको याद कर भावुक होता रहता है. खुद ऋषि कपूर की एक ऐसी इच्छा थी जो कभी पूरी नहीं हो पाई.
ऋषि कपूर इस फिल्म में करना चाहते थे काम
एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक ऋषि कपूर अपने बेटे रणबीर कपूर संग एक फिल्म में काम करना चाहते थे. वे एक गुजराती फिल्म के हिंदी रीमेक में रणबीर संग काम करने का मन बना रहे थे. उनकी मेकर्स से बातचीत भी हो गई थी और रणबीर ने भी प्रोजेक्ट के लिए हामी भर दी थी. लेकिन देश में लगे लॉकडाउन की वजह से ना वो फिल्म कभी बन पाई और ना ही ऋषि कपूर, रणबीर संग काम कर पाए. ऋषि, रणबीर के साथ गुजराती फिल्म चाल जीवी लाइए के हिंदी रीमेक पर काम करने वाले थे. उन्हें ये फिल्म काफी ज्यादा पसंद आ गई थी.
इस बारे में कोकोनट मोशन पिक्चर्स के सीईओ रितेश लालन ने विस्तार से बताया है. एक न्यूज पोर्टल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया है कि ऋषि कपूर ये फिल्म करने को काफी उत्साहित थे. डेट्स पर भी बात हो रही थी. लेकिन फिर मार्च में लॉकडाउन लग गया और वो फिल्म टल गई. वहीं अब जब लॉकडाउन नहीं है और फिल्म पर फिर काम शुरू किया जा सकता है, तब ऋषि कपूर अब इस दुनिया में नहीं हैं.
ऋषि कपूर का अधूरा सपना
चाल जीवी लाइए फिल्म की बात करें तो ये एक बाप-बेटे के इर्द-गिर्द घूमने वाली कहानी है. फिल्म में दिखाया जाता है बेटा अपने काम में काफी बिजी रहता है और पिता को समय नहीं दे पाता. लेकिन जब पिता अपनी एक अंतिम इच्छा सामने रखता है, तब वो बेटा भी अपना काम छोड़ उनकी वो इच्छा पूरी करने के लिए आ जाता है. इस फिल्म ने गुजराती सिनेमा में बढ़िया प्रदर्शन किया था. फिल्म की इसी थीम से इंप्रेस होकर ऋषि भी इसे करना चाहते थे.