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बीजेपी को झटका, टीवी पर नहीं दिखाया जा सकेगा चुनाव घोषणा पत्र

चुनाव घोषणा पत्र में हो रही देरी का बीजेपी को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. एक प्रमुख अंग्रेजी अखबार के अनुसार चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि अगर पार्टी 7 अप्रैल को अपना घोषणा पत्र जारी करेगी तो उसे टेलीविजन पर नहीं दिखाया जा सकेगा.

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बीजेपी का चुनाव चिन्ह
बीजेपी का चुनाव चिन्ह

चुनाव घोषणा पत्र में हो रही देरी का बीजेपी को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. एक प्रमुख अंग्रेजी अखबार के अनुसार चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि अगर पार्टी 7 अप्रैल को अपना घोषणा पत्र जारी करेगी तो उसे टेलीविजन पर नहीं दिखाया जा सकेगा. उसने लिखा है कि चुनाव आयोग की इस बात से पार्टी बहुत नाराज है.

शुक्रवार को चुनाव आयोग ने साफ कह दिया कि अगर उनका घोषणा पत्र 7 अप्रैल को जारी होगा तो यह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा नहीं दिखाया जा सकेगा, क्योंकि इससे जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा (1) (b) का उल्लंघन होगा. लेकिन पार्टी इसका प्रचार अखबारों के जरिए कर सकती है. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में यह 12 अप्रैल की शाम 6 बजे के बाद ही दिखाया जा सकेगा. उस समय तक देश की 111 सीटों के लिए वोट पड़ चुके होंगे.

चुनाव आयोग के इस आदेश का मतलब यह हुआ कि टीवी चैनलों पर पांच दिनों तक बीजेपी का घोषणा पत्र नहीं दिखाया जा सकेगा. कोई भी पार्टी इस दौरान वोटरों से किसी तरह का कोई वादा चुनाव के 49 घंटे पहले नहीं कर सकती है. चुनाव के दो चरण 10 और 12 अप्रैल को होंगे.

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चुनाव आयोग ने बीजेपी को बताया है कि किसी भी पार्टी का घोषणा पत्र चुनावी मामले की परिभाषा में आता है. ऐसी हालत में उसे घोषणा पत्र 5 अप्रैल को या 12 अप्रैल के बाद जारी करना होगा ताकि न्यूज चैनल उसे दिखा सकें. बताया जाता है कि बीजेपी के पीएम कैंडिडेट नरेंद्र मोदी के कहने पर चुनाव घोषणा पत्र में कई तरह के बदलाव किए जा रहे हैं इसलिए उसमें देरी हो रही है.

पार्टी ने इसके बावजूद कहा है कि वह 7 अप्रैल को ही घोषणा पत्र जारी करेगी. पार्टी प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि घोषणा पत्र जारी करने के समय और जगह का अधिकार हर पार्टी को है और हम अपनी सुविधा के अनुसार ही ऐसा करेंगे.

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