लोकसभा चुनाव 2019 के सातवें चरण में रॉबर्ट्सगंज लोकसभा सीट पर मतदान खत्म हो गया है. यहां पर 56.68 प्रतिशत डाले गए. यहां पर 19 मई को वोट डाले गए. इस बार उत्तर प्रदेश की रॉबर्ट्सगंज लोकसभा सीट से 12 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. बीजेपी ने यहां अपना दल से गठबंधन किया हुआ है. अपना दल से पकौड़ी लाल कोल इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. सपा-बसपा गठबंधन की तरफ से समाजवादी पार्टी के भाई लाल, पकौड़ी लाल को चुनौती दे रहे हैं. कांग्रेस ने यहां भगवती प्रसाद चौधरी पर दांव खेला है.
इसके अलावा सीपीआई, जनता दल (युनाइटेड), भारतीय लोकमत राष्ट्रवादी पार्टी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, ऑल इंडिया पीपल्स फ्रंट (रेडिकल), प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया), भारत प्रभात पार्टी के साथ दो निर्दलीय चुनाव मैदान पर हैं.
अपडेट्स
रॉबर्टसगंज लोकसभा सीट पर शाम 5 बजे तक 54.07 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है.
रॉबर्ट्सगंज लोकसभा सीट पर शाम 4 बजे तक 48.05 फीसदी मतदान हो चुका है.
रॉबर्ट्सगंज लोकसभा सीट पर 2 बजे तक 38.33 प्रतिशत मतदान हुआ है.
रॉबर्ट्सगंज लोकसभा सीट पर दोपहर 12 बजे तक 22.97 प्रतिशत मतदान हो चुका है.
रॉबर्ट्सगंज लोकसभा सीट पर 11 बजे तक 22.97 प्रतिशत मतदान हो चुका है.
10 मार्च को लोकसभा चुनाव 2019 की घोषणा होने के बाद देश, चुनावी माहौल में आ गया था. 22 अप्रैल को इस सीट के लिए नोटिफिकेशन निकला, 29 अप्रैल को नॉमिनेशन की अंतिम तारीख, 30 अप्रैल को स्क्रूटनी और 2 मई को नाम वापिसी की अंतिम तारीख थी. आज 19 मई को मतदान के लिए सभी दलों ने अपनी ताकत झोंक दी है. लोकसभा चुनाव 2019 के सातवें चरण में 8 राज्यों की 59 लोकसभा सीटों पर मतदान हो रहा है.
रॉबर्ट्सगंज उत्तर प्रदेश के उन चंद खूबसूरत संसदीय क्षेत्रों में से एक है जिन्हें प्रकृति ने खूबसूरती दी है, लेकिन यहां राजनीतिक उतार-चढ़ाव बना रहता है. रॉबर्ट्सगंज उत्तर प्रदेश के 80 में से 17 सुरक्षित संसदीय सीटों में से एक है. कांग्रेस 34 साल से यहां पर जीत नहीं सकी है तो बीजेपी 2019 के चुनाव में अपनी सीट बचाने की कोशिश में होगी.
यह खूबसूरत शहर उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पूर्वी कोने पर स्थित है. रॉबर्ट्सगंज शहर का नाम औपनिवेशिक काल के दौरान अंग्रेज फौज के फिल्ड मार्शल फ्रेडरिक रॉबर्ट के नाम पर रखा गया. साल 2011 की भारत की जनगणना के मुताबिक रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र जिले का एक नगरपालिका परिषद है.
साहित्य जगत में इस क्षेत्र की अपनी विशिष्ट पहचान है. मशहूर साहित्यकार देवकीनंदन खत्री के सुप्रसिद्ध उपन्यास चंद्रकांता और चंद्रकांता संतति के कथा की पृष्ठभूमि यहां का विजयगढ़ का किला रहा है. विजयगढ़ का यह मशहूर किला राबर्ट्सगंज के करीब और सोनभद्र जिले में ही स्थित है. यह शहर विन्ध्य और कैमूर की पहाड़ियों के बीच स्थित है और यहां की गुफाओं के भित्ति-चित्रों और चट्टानों पर उकेरी गई चित्रकारी से इस बात के प्रमाण मिलते हैं कि इसका प्रागैतिहासिक काल से रहा है.
इस सीट का प्रोफाइल जानने के लिए क्लिक करें- रॉबर्ट्सगंजः बीजेपी का दबदबा वाला क्षेत्र, क्या यह जादू कायम रहेगा
सामाजिक ताना-बाना
2011 की जनगणना के आधार पर रॉबर्ट्सगंज जिले की कुल आबादी 9,01,830 है जिसमें पुरुषों की आबादी 4,69,684 और महिलाओं की आबादी 4,32,146 है. जाति आधार पर देखा जाए तो यहां पर 59 फीसदी यानी 5,31,075 लोग सामान्य वर्ग से आते हैं, जबकि 23 फीसदी अनुसूचित जाति और 18 फीसदी अनुसूचित जनजाति की संख्या क्रमशः 2,08,257 और 1,62,498 है. क्षेत्र में हिंदू बहुसंख्यक हैं और इनकी आबादी 8,40,814 है जबकि मुस्लिमों की आबादी 52,976 और ईसाई समाज के 1,191 लोगों की है.
रॉबर्ट्सगंज में 5 विधानसभा क्षेत्र आते हैं जिसमें चकिया, घोरावल, रॉबर्ट्सगंज, ओबरा औहर दुद्धी शामिल है. चकिया विधानसभा क्षेत्र 2008 में अस्तित्व में आया. यह उत्तर प्रदेश के 403 विधानसभा क्षेत्र में इसकी संख्या 383 है. फिलहाल इस सुरक्षित सीट पर भारतीय जनता पार्टी के शरद प्रसाद का कब्जा है. उन्होंने 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी जीतेंद्र कुमार को 20,063 मतों के अंतर से हराया था.
2014 का जनादेश
रॉबर्ट्सगंज संसदीय क्षेत्र की बात करें तो इस समय यहां से भारतीय जनता पार्टी के छोटेलाल सांसद हैं. 2014 के आम चुनाव में छोटेलाल ने जीत हासिल की थी. छोटेलाल ने बहुजन समाज पार्टी के शारदा प्रसाद को हराया था.
चुनाव में छोटेलाल को 3,78,211 वोट मिले जबकि शारदा को 1,87,725 वोट हासिल हुआ. छोटेलाल ने 1,90,486 मतों के अंतर से यह जीत हासिल की थी. इससे पहले यहां पर सपा का कब्जा था.
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