सदन में फर्जी वोटर और विदेशी नागरिकों के मुद्दे पर चर्चा बाधित हुई. एक बयान में कहा गया कि बांग्लादेशी, नेपाली और म्यांमार के लोग फर्जी वोटर हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के हलफनामे में विदेशी नागरिकों का जिक्र नहीं है. इस पर आपत्ति जताई गई कि महत्वपूर्ण पद पर बैठा व्यक्ति ऐसी राजनीति कर रहा है. चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप पर सवाल उठे, कहा गया कि उन्हें सदन में चर्चा के विषय की जानकारी नहीं थी.