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'2020 में अकेले लड़े थे तो अब क्या दिक्कत है...', चिराग की पार्टी के सांसद ने बढ़ाई NDA की टेंशन

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद राजेश वर्मा ने 43 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है, जिससे गठबंधन में तनाव बढ़ गया है.

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राजेश वर्मा ने बढ़ाईं एनडीए के मुश्किलें.(photo: ITG)
राजेश वर्मा ने बढ़ाईं एनडीए के मुश्किलें.(photo: ITG)

आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर घमासान मचा हुआ है. अब राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद राजेश वर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी ने 43 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है. नहीं तो 2020 की तरह अकेले चुनाव लड़ने में हमें कोई दिक्कत नहीं है. वहीं, उनके इस बयान से एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर पेच और फंस गया है, जिससे बीजेपी की चिंता बढ़ गई हैं.

आजतक से खास बातचीत करते हुए सांसद राजेश वर्मा ने कहा कि 2020 में हमने 136 सीटों पर और 2015 में 43 सीटों पर चुनाव लड़ा था तो इसके बीच में ही सम्मानजनक सीटें हमें मिलनी चाहिए.

'अकेले चुनाव लड़ने में क्या दिक्कत'

उनके इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि लोक जनशक्ति पार्टी (रा.) कम से कम 43 से ज्यादा सीटों पर दावा कर रही है. उन्होंने विधानसभा चुनाव में अकेले चुनाव लड़ने के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि 2020 में तो हम लोग अकेले ही चुनाव लड़े थे तो अब क्या दिक्कत है.

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हमारी पार्टी का 100% का स्ट्राइग

उन्होंने ये भी कहा कि हमारी पार्टी का 100 प्रतिशत का स्ट्राइग रहा है और इसकी को ध्यान में रखते हुए एनडीए घटक दल के रूप में हमें सम्मानजनक सीटें मिलने चाहिए.

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अंत में उन्होंने ये भी जोड़ा कि वह सीटों की बात करने के लिए अधिकृत नहीं हैं, लेकिन उनकी पार्टी को सम्मानजनक सीटें मिलने चाहिए. ये बयान चिराग पासवान की रणनीति को मजबूत करने वाला माना जा रहा है, जो गठबंधन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं.

सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तैयार

बताया जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए में सीट बंटवारे की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. बीजेपी-जेडीयू और एलजेपी (रामविलास) समेत सहयोगी दल हिस्सेदारी तय करने में जुटे हैं. बीजेपी और जेडीयू को 100-100 से अधिक सीटें मिलने की संभावना है, जबकि चिराग पासवान की पार्टी को भी महत्वपूर्ण हिस्सा मिल सकता है. 

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने चिराग पासवान की पार्टी को 25 सीटों का ऑफर दिया है. जबकि चिराग पासवान कम से कम 35 सीटों की मांग पर अड़े हैं. इसके अलावा बीजेपी जीतन राम मांझी को 7 और उपेंद्र कुशवाहा को 6 सीटें देने का फॉर्मूला तैयार किया है. उधर, जीतनराम मांझी ने एक्स पर पोस्ट कर विधानसभा चुनाव में 15 सीटों की मांग की है. यही वजह है कि सीटों पर अंतिम मुहर नहीं लग सकी है.

बीजेपी नेताओं ने की चिराग से मुलाकात

इससे पहले मंगलवार को बिहार में एनडीए के बीच सीट शेयरिंग पर सहमति बनाने के लिए हुई केंद्रीय मंत्री और बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और बीजेपी महासचिव विनोद तावड़े ने आज दिल्ली में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान से उनके आवास पर मुलाकात की.

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बता दें कि बिहार की 243 सीटों वाली विधानसभा में चुनाव 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होंगे, जबकि 14 नवंबर को नतीजे घोषित होंगे.

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