जब मां इंदिरा गांधी को पता चला, छोटा बेटा नहीं रहा
जैसे ही हादसे की खबर मां इंदिरा गांधी को मालूम
चली वह तुरंत सफदरजंग अस्पताल की ओर रवाना
हुई. जिस बेटे ने सियासत में मां का हाथ थामे रखा
उसके बारे में ऐसी खबर सुन इंदिरा के पैरों तले
जमीन खिसक गई थी. जैसे ही बेटे की लाश देखी तो
उसके निर्जीव शरीर के देखकर अपना दर्द नहीं रोक
पाई और फूट- फूटकर रोने लगीं. वहीं आधिकारिक तौर पर सुबह 10 बजे संजय
गांधी की मौत की खबर दे दी गई थी. जिसके बाद
उनके चाहने वालों का भीड़ अस्पताल के बाहर इकट्ठी
हुई. शाम 6:30 बजे उनकी शव यात्रा निकाली गई थी.