गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर नहीं रहे. मनोहर पर्रिकर एक ऐसे व्यक्ति थे, जो लड़ते रहे, संघर्ष करते रहे और आज उनके निधन से हर कोई स्तब्ध है. पर्रिकर देश के उन नेताओं में से थे, जो अपनी सादगी के लिए जाने जाते थे. वे देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने आईआईटी से पढ़ाई की थी.
पर्रिकर चार बाद गोवा के मुख्यमंत्री बने. भले ही उन्होंने अपने पांच साल का कार्यकाल एक बार भी पूरा नहीं किया हो, लेकिन वो हमेशा चर्चा में रहे. जब वो 24 अक्टूबर 2000 को पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री बने थे तो वो इस बात को लेकर भी चर्चा में थे, कि उन्होंने आईआईटी से पढ़ाई की है.
दरअसल भारत के इतिहास में पर्रिकर पहले ऐसे मुख्यमंत्री बने, जो आईआईटीयन थे. उन्होंने साल 1978 में आईआईटी बॉम्बे से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की थी. उनके निधन पर आईआईटी बॉम्बे ने भी अपना दुख जाहिर किया और श्रद्धांजलि दी.
आईआईटी बॉम्बे ने पर्रिकर के निधन पर कहा कि आईआईटी बॉम्बे के लिए गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर का निधन बड़ा झटका है वो संस्थान के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र थे और आईआईटी बॉम्बे में कई पहलों से जुड़े थे. वो आईआईटी गोवा शुभारंभ में भी शामिल थे और 12 अगस्त 2017 को आईआईटी बॉम्बे के 55वें दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि थे. संस्थान उनके निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करता है.
साल 2001 में आईआईटी मुंबई ने मनोहर पर्रिकर को विशिष्ट भूतपूर्व छात्र की उपाधि प्रदान की थी. खास बात ये है कि पर्रिकर गोवा में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बने थे. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में उन्होंने रक्षा मंत्री के तौर पर तीन साल सेवाएं दी थीं.
आईआईटी में पढ़ाई करने से पहले उन्होंने लोयोला हाई स्कूल से पढ़ाई की थी. उन्होंने सेकेंडरी एजुकेशन मराठी में ली थी और उसक बाद वो आईआईटी गए.