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एजुकेशन

मोदी का अज्ञातवास, 3 साल कहां रहे आज भी बरकरार है ये 'रहस्य'

मोदी का अज्ञातवास, 3 साल कहां रहे आज भी बरकरार है ये 'रहस्य'
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन का एक पक्ष ऐसा है, जिसके बारे में लोग ज्‍यादा नहीं जानते. वो पक्ष है उनके हिमालय पर रहने का. मोदी के बारे में कहा जाता है कि उन्‍होंने अज्ञातवास के तौर पर कई साल हिमालय पर जाकर बिताए. उस दौरान उनके परिवार तक को नहीं पता था कि वो कहां हैं, जीवित हैं या नहीं और क्‍या कर रहे हैं?
मोदी का अज्ञातवास, 3 साल कहां रहे आज भी बरकरार है ये 'रहस्य'
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मोदी का ये पक्ष दुनिया के सामने उस समय आया जब साल 2015 में वह पश्चिम बंगाल के बेलूर मठ में गए. मोदी ने पीएम पद शपथ ली थी उस समय भी ये खबरें आईं थी कि उनके जैकेट में लगा फूल मठ से प्रसाद के रूप में आया था.
मोदी का अज्ञातवास, 3 साल कहां रहे आज भी बरकरार है ये 'रहस्य'
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विवेकानंद के बेलूरमठ की यात्रा के दौरान मोदी काफी भावुक दिखे थे. वे वहां आत्‍मास्‍थानंद से मिलने गए थे, जिन्‍हें वे गुरु के तौर पर मानते थे. फिर ये भी पता चला था कि मोदी युवावस्‍था में इस मठ में कभी संत बनने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उनके अनुरोध को अस्‍वीकार कर दिया गया था.
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कहा जाता है कि मोदी जब इस मठ में गए थे उस समय उनकी आयु 16 साल की थी. तब उन्‍होंने स्वामी आत्मस्थानंद से दीक्षा लेने की गुजारिश की थी.
मोदी का अज्ञातवास, 3 साल कहां रहे आज भी बरकरार है ये 'रहस्य'
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नरेंद्र मोदी: द आर्किटेक्‍ट ऑफ ए मॉडर्न स्‍टेट नामक किताब में बताया गया है कि जब ग्रेजुएट ना होने के कारण उन्‍हें रामकृष्‍ण मिशन में एंट्री नहीं मिली, तो वे हिमालय चले गए थे.
मोदी का अज्ञातवास, 3 साल कहां रहे आज भी बरकरार है ये 'रहस्य'
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वे अपने आइडल स्‍वामी विवेकानंद का अनुसरण करते हुए हिमालय गए थे क्‍योंकि विवेकानंद ने भी कुछ समय वहां बिताया था.
मोदी का अज्ञातवास, 3 साल कहां रहे आज भी बरकरार है ये 'रहस्य'
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वे अपने आइडल स्‍वामी विवेकानंद का अनुसरण करते हुए हिमालय गए थे क्‍योंकि विवेकानंद ने भी कुछ समय वहां बिताया था.
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