भारत की बैडमिंटन स्टार वर्ल्ड नंबर-4 पीवी सिंधु ने कोरिया ओपन सुपर सीरीज पर कब्जा जमा लिया है. ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट सिंधु ने 17 सितंबर को फाइनल में वर्ल्ड नंबर-9 जापान की नोजोमी ओकुहारा को एक घंटे 24 मिनट तक चले मुकाबले में 22-20, 21-11, 21-18 से मात दी.
इसके साथ ही 22 साल की हैदराबादी बाला सिंधु ने न सिर्फ इतिहास रच डाला, बल्कि हमउम्र ओकुहारा से बदला भी ले लिया. इसी जापानी शटलर ने अगस्त में पिछले महीने वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में सिंधु को हराया था. सिंधु कोरिया ओपन पर कब्जा करने वाले पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं.
रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल, चाइना ओपन और अब कोरिया ओपन सुपर सीरीज जीतने वाली पीवी सिंधु बहुत साधारण हैं. वे जितनी सिंपल दिखती हैं उनकी सोच भी उसी तरह की है. सिंधू का पूरा नाम है पुसरला वेंकट सिंधु. उनका जन्म 5 जुलाई 1995 को हैदराबाद में हुआ था.
सिंधू के पिता अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ी हैं और वे वॉलीबाल में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. इसके अलावा उनकी मां भी वॉलीबाल की खिलाड़ी रही हैं. जाहिर है कि सिंधू के लिए खेल भावना के अलावा खून का भी मामला है.
सिंधू के घर और बैडमिंटन अकादमी में 56 किलोमीटर की दूरी है लेकिन वह हर रोज अपने निर्धारित समय पर अकादमी पहुंच जाती हैं. उनके भीतर अपने खेल को लेकर एक अजीब दीवानगी है.
पुलेला गोपीचंद उनके कोच हैं.
सिंधू को पद्मश्री और बेहतरीन बैडमिंटन के लिए अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है.
रियो ओलंपिक के महिला सिंगल्स बैडमिंटन मुकाबले में पीवी सिंधू सिल्वर मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं.
इससे पहले भारत का कोई भी बैडमिंटन खिलाड़ी इस मुकाम तक नहीं पहुंच सका था. 10 अगस्त 2013 में सिंधू ऐसी पहली भारतीय महिला बनीं, जिसने वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में मेडल जीता था.
पी सिंधू ने आठ साल की उम्र से बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया था.
सिंधू को महेश बाबू और टॉलीवुड में प्रभास पसंद हैं. जबकि बॉलीवुड में वे रितिक रोशन को पसंद करती हैं.