टीना डाबी की तरह रुक्मिणी रायर ने भी UPSC एग्जाम पहले ही अटेम्प में क्लियर कर लिया. रुक्मिणी की कामयाबी इसलिए भी खास है, क्योंकि एक तरफ तो वो 6वीं की परीक्षा में फेल हो गई थीं और दूसरी तरफ उन्होंने बिना किसी कोचिंग के यह उपलब्धि हासिल की. जी हां, रुक्मिणी ने UPSC की तैयारी सेल्फ स्टडी के दम पर की और उसमें कामयाब होकर भी दिखाया.
उन्हें डलहौजी के बोर्डिंग स्कूल में भेजा गया था. जहां वो एडजस्ट नहीं कर पा रही थी. बोर्डिंग स्कूल के दबाव को झेलना उनके लिए मुश्किल हो गया था और वो 6वीं कक्षा में फेल हो गई थीं.
रुक्मिणी को इस बात से इतना झटना लगा था कि इस दौरान वो डिप्रेशन में रहने लगीं थी. उन्हें पता ही नहीं था कि उनके साथ क्या हो रहा है.
बहुत समय तक इस टेंशन में रहने के बाद उन्होंने सोचा कि इस समस्या का उन्हें सामना करना होगा. इसके साथ ही उन्होंने अपनी असफलता से सीख ली. उनका कहना है कि यदि ठान लें तो असफलताएं हमारा रास्ता कभी नहीं रोक सकतीं.
उन्होंने कहा कि फेल होने के बाद परिवार के लोग और शिक्षकों के सामने जाने की उनकी हिम्मत नहीं होती थी. रुक्मिणी ये सोचकर घबरा जाती थीं कि 6वीं में फेल होने को लेकर उनके घर वाले और शिक्षक उनके बारे में क्या सोचते होंगे.
बता दें कि आईएएस परीक्षा में शामिल होने से पहले उन्होंने कई एनजीओ के साथ काम किया. जिससे देश की हालत को बेहतर समझ सकें.
अपनी असफलता से सीख लेते हुए उन्होंने अपने पूरे कॉलेज में भी टॉप किया. साथ ही ये साबित कर दिया कि दुनिया में ऐसे कई लोग है जो फेल होने के बाद भी सफल हुए.