वहीं 28 मई, 1999 को स्क्वाड्रन लीडर आहूजा का शव भारतीय अधिकारियों को सौंप दिया गया. शरीर में दो गोली लगी थीं. यह बताया गया कि बाएं घुटने का फ्रैक्चर तब हुआ था जब वे पैराशूट से कूदे थे. लेकिन गनशॉट से पता चलता है कि वह विमान से जिंदा उतरे थे और उन्हें गोली मारी गई है. आहूजा की मौत को, "कोल्ड ब्लडेड मर्डर" कहा जाता है.