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133 साल की हुई कांग्रेस, आजादी की लड़ाई नहीं था पहला मकसद

133 साल की हुई कांग्रेस, आजादी की लड़ाई नहीं था पहला मकसद
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भारत की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस आज ही के रोज साल 1885 में स्थापित की गई थी. देश की आजादी की लड़ाई का नेतृत्व करने और आजाद भारत पर सबसे ज्यादा समय तक राज करने वाली इस पार्टी की स्थापना 72 प्रतिनिधियों की उपस्थिति के साथ 28 दिसंबर 1885 को बॉम्बे (अब मुंबई) के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में की गई थी. इस पार्टी का गठन ब्रिटिश सिविल सर्वेंट एलन ऑक्‍टेवियन ह्यूम के द्वारा किया गया था.
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पार्टी का गठन शुरुआती दिनों में ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता हासिल करने के लिए नहीं किया गया था, बल्कि इसे नीति निर्धारण को प्रभावित करने के लिए शिक्षित व्यक्तियों के समूह के एक मंच के तौर पर किया गया था.
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साल 1907 तक पार्टी ने ब्रिटिश शासन के प्रति ज्यादा आक्रामक रुख नहीं अपनाया. इसके बाद पार्टी को जनसमर्थन मिलना आरंभ हुआ.
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#1-दिसंबर 1884 में, एलन ऑक्‍टेवियन ह्यूम ने मद्रास में एक थियोसोफिकल सम्मेलन के बाद 17 लोगों के साथ एक प्राइवेट मीटिंग रखी, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के गठन के बारे में आइडिया रखा गया.
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#2-कांग्रेस पार्टी की स्थापना के दौरान पार्टी का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा शिक्षित भारतीयों के लिए एक मंच तैयार करना था. ताकि पढ़े-लिखे भारतीयों को अंग्रेजी हुकूमत की नौकरियों में ज्यादा से ज्यादा मौके मिल सकें, साथ ही शिक्षित भारतीयों और ब्रिटिश राज के बीच राजनीतिक बातें करने के लिए एक जगह मिल सके.
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#3. कांग्रेस की पहली मीटिंग पुणे में होने वाली थी. मगर तब वहां हैजा फैला हुआ था. जिसके बाद कार्यक्रम को मुंबई में स्थानांतरित कर दिया गया था. बता दें, ह्यूम को मीटिंग आयोजित करने के लिए तत्कालीन वायसराय लॉर्ड डफरिन की मंजूरी लेनी पड़ी थी.
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#4- पार्टी की स्थापना होने क बाद 72 प्रतिनिधियों की मौजूदगी में वोमेश चंद्र बनर्जी को कांग्रेस का पहला अध्यक्ष चुना गया था.
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#5- पार्टी को बने 20 साल हो चुके थे,लेकिन साल 1905 तक कांग्रेस के पास ज्यादा जनसमर्थन नहीं था. जिसके बाद लॉर्ड कर्जन ने बंगाल विभाजन की घोषणा के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेंद्रनाथ बनर्जी और सर हेनरी कॉटन ने राजनीतिक बाधाओं को तोड़ दिया और 7 अगस्त 1905 में स्वदेशी आंदोलन की घोषणा की गई. जिसके बाद अंग्रेजी सामान का बहिष्कार शुरू हुआ. ये पहली बार हुआ था जब कांग्रेस पार्टी जनता के बीच पहुंची थी.(राहुल-मनमोहन कांग्रेस स्थापना दिवस पर केक काटते हुए: फोटो- ANI)
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#6- साल 1915 में दक्षिण अफ्रीका से जब महात्मा गांधी वापस देश लौटे उसके बाद कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर उन्हें चुना गया. जिसके बाद 1919 में प्रथम विश्व युद्ध के खत्म होने तक गांधी पार्टी के नायक बनकर उभरे.
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#7- कांग्रेस पार्टी ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.  ज्यादातर स्वतंत्रता सेनानी कांग्रेस के सदस्य थे.
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#8- आजादी के बाद भी कांग्रेस भारतीय राजनीति में अगुआ बनी रही. आजादी के बाद के 15 आम चुनावों में कांग्रेस ने 6 बार जीत हासिल की और चार बार सत्तारूढ़ गठबंधन का नेतृत्व किया. (राहुल-मनमोहन कांग्रेस स्थापना दिवस पर केक काटते हुए: फोटो- ANI)
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#9-1947 के बाद 49 साल तक देश की बागडोर कांग्रेस के हाथों में रही. देश के 7 प्रधानमंत्री कांग्रेस पार्टी से ही चुने गए हैं. जवाहरलाल नेहरू, गुलजारीलाल नंदा, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, पी वी नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह. (फोटो- ANI)
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#10- दूसरी ओर, मोरारजी देसाई, चरण सिंह, वी पी सिंह, चंद्र शेखर, एच डी देवेगौड़ा, आई के गुजराल प्रधानमंत्री पद पर नियुक्ति से पहले कांग्रेस के सदस्य थे.
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#11- सबसे लंबे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष रहने का रिकॉर्ड सोनिया गांधी के नाम है. वह 1998 से साल 2017 तक वह कांग्रेस अध्यक्ष रहीं. जिसके बाद उनके पुत्र राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी की कमान मिली.
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#12 अभी कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी हैं. उन्होंने पिछले साल दिसंबर में कांग्रेस की बागडोर अपने हाथ में ली.
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