क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जो हर वक्त दूसरों की मदद को आगे रहता हो, जो दूसरों को खुश करने के लिए काम करता हो? हम सब किसी न किसी ऐसे व्यक्ति को जरूर जानते होंगे जो ऐसा करता हो. दूसरों की मदद करने वाला, दूसरों को खुश रखने वाला व्यक्ति सभी को अच्छा लगता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कई बार यही लोग अपनी खुशियों को नजरअंदाज कर बस दूसरों को खुश करने के लिए काम करते रहते हैं. आपको ये आदत सामान्य लग सकती है, लेकिन जो व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खुद की खुशियों को नजरअंदाज कर दूसरों के लिए जीता है, उसकी इमोशनल, मेंटल हेल्थ पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है, जो एक वक्त के बाद उसकी पर्सनैलिटी में भी नजर आने लगता है.
अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जो दूसरों की खुशियों को अपनी खुशियों से ऊपर रखते हैं तो आपको इस आदत को बदलने की कोशिश करनी चाहिए. ऐसे लोग अक्सर सहायक और दयालु के रूप में देखे जाते हैं, लेकिन लंबे वक्त तक ऐसा करना उनपर भारी पड़ सकता है. किसी की मदद करना, उनके लिए छोटी-मोटी चीजें करना गलत नहीं है, लेकिन जब आप इस पैटर्न को बार-बार करते हैं तो आप खुद के लिए खुशियां तलाशना भूल जाते हैं. इसका नतीजा ये हो सकता है कि आपको गुस्सा और चिड़चिड़ापन होने लगे. साथ ही आपको एंग्जाइटी और स्ट्रेस की समस्या भी हो सकती है. आइए जानते हैं कैसे खुद की खुशियां नजरअंदाज करना आपके लिए हो सकता है नुकसानदायक.
रिश्ते खराब कर सकती है आपकी ये आदत: जो लोग दूसरों को खुश करने के लिए जीवन जीते हैं, वो अक्सर अपनी जरूरतों को दूसरों के सामने नहीं रखते. वो धीरे-धीरे खुद के लिए जीना ही भूल जाते हैं. आप हर वक्त दूसरों के लिए इतना ज्यादा उपलब्ध रहते हैं कि एक वक्त के बाद लोग आपको अहमियत देना ही बंद कर देते हैं. उन्हें पता होता है कि आप उनकी हर परेशानी में मदद के लिए आगे आएंगे. इस कारण से वो आपके साथ रिश्ता बनाए रखने के लिए अलग से कोई प्रयास ही नहीं करते.
एंग्जाइटी और स्ट्रेस: आपकी ये आदत आपके एंग्जाइटी और स्ट्रेस का कारण बन सकती है. दूसरों की मदद करना वैसे तो आपकी मेंटल हेल्थ के लिए अच्छा होता है, लेकिन इस मदद के दौरान खुद को ही भूल जाना आपको स्ट्रेस और एंग्जाइटी दे सकता है. दूसरों की मदद के चक्कर में खुद के लिए समय न निकाल पाना, खुद की इच्छाओं को पूरा न कर पाना, आपको अंदर ही अंदर परेशान करता रहता है. अपनी आदत की वजह से आप अपनी इच्छाओं को व्यक्त नहीं करते, जिसका असर आपकी मेंटल हेल्थ पर पड़ता है.
गुस्सा और चिड़चिड़ापन: जब आप दूसरों को खुश करने की आदत से मजबूर होते हैं तो अक्सर कई बार ऐसे काम करते हैं, जो आपका करने का मन भी नहीं होता. जब आप बेमन किसी काम को करते हैं तो अक्सर आपके अंदर गु्स्सा या चिड़चिड़ापन घर कर जाता है. एक स्टडी में पाया गया है कि जो लोग दूसरों को खुश करने की आदत से मजबूर होते हैं, वो किसी सोशल स्थिति में अक्सर ओवर रिएक्ट करते हैं. आपकी इस आदत की वजह से आप एक ऐसी साइकल में फंस जाते हैं जहां आप पहले लोगों की मदद करते हैं, फिर आप को इस चीज का बुरा लगता है कि लोग आपका फायदा उठा रहे हैं. इसके बाद आप खुद के लिए बुरा महसूस करते हैं.
किसी से मदद नहीं मांग पाते आप: आपकी दूसरों को खुश करने की आदत के कारण आप कभी परेशानी में भी दूसरों से मदद नहीं मांग पाते हैं. वहीं, कई बार इसी कारण से आप अपनी परेशानियों से भी बाहर नहीं आ पाते और खुद स्ट्रेस में रहते हैं. इसलिए जीवन में खुश रहने के लिए जरूरी है कि आप दूसरों को खुश करने की आदत को त्याग दें.