शहर का कचरा ढोते-ढोते शहर की लाइफलाइन यमुना मर चुकी है. कई साल से इसे जिंदा करने की कवायद चल रही है. इन सबके बीच यमुना की सफाई को लेकर सियासत भी चरम पर है.