सीबीएसई के 10वीं के परिणाम आ चुके हैं. वैसे तो ग्रेडिंग सिस्टम की वजह से बच्चों में रिजल्ट को लेकर पहले जैसा खौफ नहीं रहा. लेकिन फिर भी अगर किसी बच्चे के मार्क्स कम आए हैं तो ऐसे में उनके अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वह अपने बच्चों का मनोबल बढ़ाएं, उन्हें यह भरोसा दिलाएं कि यह जिंदगी का आखिरी इम्तेहान नहीं था.