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CrPC Section 152: सार्वजनिक सम्पत्ति का नुकसान होने से रोकना बताती है धारा 152

सीआरपीसी की धारा 152 (Section 152) के तहत लोक सम्पत्ति की हानि का निवारण किए जाने का प्रावधान किया गया है. आइए जानते हैं कि सीआरपीसी की धारा 152 इस बारे में क्या प्रावधान करती है?

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लोक संपत्ति को नुकसान से बचाने से संबंधित है ये धारा लोक संपत्ति को नुकसान से बचाने से संबंधित है ये धारा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • लोक सम्पत्ति को नुकसान से बचाना बताती है ये धारा
  • 1974 में लागू की गई थी सीआरपीसी
  • CrPC में कई बार हुए है संशोधन

Code of Criminal Procedure: दंड प्रक्रिया संहिता में अदालत (Court) और पुलिस (Police) से जुड़े कई अहम कानूनी प्रावधान मौजूद हैं. इसी तरह से सीआरपीसी की धारा 152 (Section 152) के तहत लोक सम्पत्ति की हानि का निवारण किए जाने का प्रावधान किया गया है. आइए जानते हैं कि सीआरपीसी की धारा 152 इस बारे में क्या प्रावधान करती है? 

सीआरपीसी की धारा 152 (CrPC Section 152)
दंड प्रक्रिया संहिता (Code of Criminal Procedure 1973) की धारा 152 में सार्वजनिक संपत्ति (Public property) को किए जाने वाले नुकसान की रोकथाम (loss prevention) करना परिभाषित (Define) किया गया है. CrPC की धारा 152 के अनुसार, किसी पुलिस अधिकारी की दृष्टिगोचरता (Police Officer Visibility) में किसी भी जंगम या स्थावर लोक सम्पत्ति (movable or immovable public property) को हानि पहुंचाने का प्रयत्न (attempt to harm) किए जाने पर वह उसका, या किसी लोक भूमि चिन्ह (Public land mark) या बोया (Buoy) या नौपरिवहन (Navigation) के लिए प्रयुक्त अन्य चिन्ह के हटाए जाने (removal of other symbols used) या उसे हानि पहुंचाए जाने (to harm him) का, निवारण करने के लिए अपने ही प्राधिकार से अन्तःक्षेप (interference with authority) कर सकता है.  

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क्या है दण्ड प्रक्रिया संहिता (CrPC)
दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 (Code of Criminal Procedure, 1973) भारत में आपराधिक कानून के क्रियान्यवन के लिये मुख्य कानून है. यह सन् 1973 में पारित हुआ था. इसे देश में 1 अप्रैल 1974 को लागू किया गया. दंड प्रक्रिया संहिता का संक्षिप्त नाम 'सीआरपीसी' है. सीआरपीसी (CRPC) अंग्रेजी का शब्द है. जिसकी फुल फॉर्म Code of Criminal Procedure (कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसिजर) होती है. इसे हिंदी में 'दंड प्रक्रिया संहिता' कहा जाता है. CrPC में 37 अध्याय (Chapter) हैं, जिनके अधीन कुल 484 धाराएं (Sections) मौजूद हैं. जब कोई अपराध होता है, तो हमेशा दो प्रक्रियाएं होती हैं, एक तो पुलिस अपराध (Crime) की जांच करने में अपनाती है, जो पीड़ित (Victim) से संबंधित होती है और दूसरी प्रक्रिया आरोपी (Accused) के संबंध में होती है. सीआरपीसी (CrPC) में इन प्रक्रियाओं का ब्योरा दिया गया है. CrPC में अब तक कई बार संशोधन (Amendment) भी किए जा चुके हैं.

ऐसे व्यवहार की इजाजत नहीं देता कानून
कुछ प्रकार के मानव व्यवहार (Human behavior) ऐसे होते हैं जिसकी कानून इजाजत (Permission) नहीं देता. ऐसे व्यवहार करने पर किसी व्यक्ति को उसके नतीजे भुगतने पड़ते हैं. खराब व्यवहार को अपराध या गुनाह (Crime or offense) कहते हैं. और इसके नतीजों को दंड यानी सजा (Punishment) कहा जाता है.

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