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CrPC Section 150: संगीन जुर्म की साजिश की इत्तिला देने से जुड़ी है सीआरपीसी की धारा 150

सीआरपीसी की धारा 150 (Section 150) में संज्ञेय अपराध किए जाने की साजिश की इत्तिला के बारे में बताया गया है. आइए जानते हैं कि सीआरपीसी की धारा 150 इस बारे में क्या जानकारी देती है?

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 संज्ञेय अपराध की साजिश से जुड़ी है ये धारा संज्ञेय अपराध की साजिश से जुड़ी है ये धारा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • संज्ञेय अपराध की साजिश से जुड़ी है ये धारा
  • 1974 में लागू की गई थी सीआरपीसी
  • CrPC में कई बार हुए है संशोधन

Code of Criminal Procedure: दंड प्रक्रिया संहिता में पुलिस (Police) और कोर्ट (Court) की शक्तियों के बारे में प्रावधान किए गए हैं. ठीक इसी तरह से सीआरपीसी की धारा 150 (Section 150) में संज्ञेय अपराध किए जाने की साजिश की इत्तिला के बारे में बताया गया है. आइए जानते हैं कि सीआरपीसी की धारा 150 इस बारे में क्या जानकारी देती है? 

सीआरपीसी की धारा 150 (CrPC Section 150)
दंड प्रक्रिया संहिता (Code of Criminal Procedure 1973) की धारा 150 में संज्ञेय अपराध (Serious crime) करने के लिए साजिश की जानकारी (Conspiracy information) दिए जाने से संबंधित प्रावधान (Related provisions) किया गया है. CrPC की धारा 150 के अनुसार, प्रत्येक पुलिस अधिकारी (Police officer), जिसे किसी संज्ञेय अपराध को करने की परिकल्पना की इत्तिला प्राप्त होती है, ऐसी इत्तिला की संसूचना उस पुलिस अधिकारी को, जिसके वह अधीनस्थ (Subordinate) है, और किसी ऐसे अन्य अधिकारी (officer) को देगा जिसका कर्तव्य किसी ऐसे अपराध के किए जाने का निवारण (prevention of the commission of an offense) या संज्ञान करना है.

इसे भी पढ़ें--- CrPC Section 149: पुलिस का संज्ञेय अपराध को रोकना बताती है धारा 149 

क्या है दण्ड प्रक्रिया संहिता (CrPC)
दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 (Code of Criminal Procedure, 1973) भारत में आपराधिक कानून के क्रियान्यवन के लिये मुख्य कानून है. यह सन् 1973 में पारित हुआ था. इसे देश में 1 अप्रैल 1974 को लागू किया गया. दंड प्रक्रिया संहिता का संक्षिप्त नाम 'सीआरपीसी' है. सीआरपीसी (CRPC) अंग्रेजी का शब्द है. जिसकी फुल फॉर्म Code of Criminal Procedure (कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसिजर) होती है. इसे हिंदी में 'दंड प्रक्रिया संहिता' कहा जाता है. CrPC में 37 अध्याय (Chapter) हैं, जिनके अधीन कुल 484 धाराएं (Sections) मौजूद हैं. जब कोई अपराध होता है, तो हमेशा दो प्रक्रियाएं होती हैं, एक तो पुलिस अपराध (Crime) की जांच करने में अपनाती है, जो पीड़ित (Victim) से संबंधित होती है और दूसरी प्रक्रिया आरोपी (Accused) के संबंध में होती है. सीआरपीसी (CrPC) में इन प्रक्रियाओं का ब्योरा दिया गया है. CrPC में अब तक कई बार संशोधन (Amendment) भी किए जा चुके हैं.

ऐसे व्यवहार की इजाजत नहीं देता कानून
कुछ प्रकार के मानव व्यवहार (Human behavior) ऐसे होते हैं जिसकी कानून इजाजत (Permission) नहीं देता. ऐसे व्यवहार करने पर किसी व्यक्ति को उसके नतीजे भुगतने पड़ते हैं. खराब व्यवहार को अपराध या गुनाह (Crime or offense) कहते हैं. और इसके नतीजों को दंड यानी सजा (Punishment) कहा जाता है.

 

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