
Sidhu Moose Wala Death: रविवार को शाम के साढ़े चार बज रहे थे. मानसा जिले में सब कुछ सामान्य था. ठीक इसी वक्त सिंगर सिद्धू मूसेवाला अपने दो दोस्त (गुरविंदर सिंह और गुरप्रीत सिंह) के साथ अपनी थार कार से निकले. उन्होंने अपनी बुलेटप्रूफ फॉर्चूनर कार घर पर ही छोड़ दी थी. घर से निकले महज एक घंटा ही हुआ था कि साढ़े 5 बजे मनसा के जवाहरके गांव के पास अचानक से गोलियों की तड़तड़ाहट शुरू हो गई. निशाना थे सिद्धू मूसेवाला.
जिस जगह मूसेवाला पर हमला हुआ, वहां दीवारों में भी गोलियों से छेद हो गए हैं. इस बात की तस्दीक तस्वीरें कर रही हैं. वहीं मूसेवाला की गाड़ी पर 12 गोलियों के निशान मिले हैं. फायरिंग से थार शीशे चकनाचूर हो गए. पंजाब के DGP वी. के. भावरा ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला जब अपने घर से निकले, तब रास्ते में 2-2 गाड़ी आगे और पीछे से आईं और इनकी गाड़ी पर फायरिंग की गई. उन पर 30 राउंड फायर हुए थे. घटनास्थल से बरामद कारतूस से अंदाजा लगा है कि हत्याकांड में 3 अलग-अलग हथियारों का इस्तेमाल हुआ था.

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हत्याकांड के बाद मौके पर भीड़ लग गई थी. सिद्धू मूसेवाला के दोस्त बुरी तरह जख्मी थे. जब लोगों ने सिद्धू मूसेवाला को पहचाना तो वह दंग रह गए. जवाहरके गांव के लोग अभी भी दहशत में हैं. सड़क पर शीशे की किरचें पड़ी हुई हैं. लोगों की आंखों के सामने वही मंजर घूम रहा है.
चश्मदीद मेसी ने कहा कि गाड़ी में जो दो और लोग बैठे थे उनको भी गोली लगी थी. सिद्धू की कार पर 35 से 40 राउंड फायरिंग हुई थी. दीवारों पर भी गोलियों के निशान देखे जा सकते हैं.
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इस घटना की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य लक्की ने ली है जो अभी कनाडा में है. बताया जा रहा है कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश दिल्ली की तिहाड़ जेल में रची गई थी.