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Hyderabad Nagaraju Murder Case: नागाराजू को FIND MY DEVICE ऐप से किया था ट्रैस, रिमांड रिपोर्ट में खुलासा

Hyderabad Nagaraju Murder Case: हैदराबाद में नागाराजू की हत्या के मामले में आरोपी की रिमांड रिपोर्ट सामने आई है. इसमें खुलासा हुआ है कि आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर करीब एक महीने से नागाराजू की तलाश में जुटा था. वारदात से पहले आरोपी ने नागाराजू की हत्या की कोशिश की लेकिन भीड़ होने के चलते उसने वारदात को अंजाम नहीं दिया.

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नागाराजू और सुल्ताना ने आर्य समाज मंदिर में शादी की थी. -फाइल फोटो नागाराजू और सुल्ताना ने आर्य समाज मंदिर में शादी की थी. -फाइल फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नागराजू को एक महीने से ट्रैक कर रहे थे आरोपी
  • शादी से एक दिन पहले सुल्ताना ने बदला था अपना नाम

हैदराबाद में हिदू युवक नागाराजू की हत्या के मामले में आरोपी की रिमांड रिपोर्ट सामने आई है. रिमांड रिपोर्ट के मुताबिक, नागाराजू की हत्या पूर्व नियोजित थी. आरोपी ने नागाराजू को ट्रैक करने और उसका पता लगाने के लिए मोबाइल स्पाइवेयर का इस्तेमाल किया. हत्या के दिन आरोपी ने पहले कार शोरूम के बाहर नागाराजू की हत्या करने की कोशिश की, जहां नागाराजू काम कर रहा था, लेकिन ट्रैफिक होने के चलते वह वारदात को अंजाम नहीं दे पाया. 

आरोपी ने अपनी 2 बड़ी बहनों की शादियां की थी और उसकी तीसरी बहन (सुल्ताना) की शादी का इंतजार था. आरोपी मोबिन ने अपनी तीसरी बहन की शादी के बाद अपनी शादी करने की योजना बनाई थी. इसी बीच उसे पता चला कि उसकी छोटी बहन किसी नागाराजू से प्यार करती है. दूसरे समुदाय का होने के चलते मोबिन ने सुल्ताना को समझाया और उसकी पिटाई भी की. 

रिमांड रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने जनवरी 2022 में उसने अपनी बहन सुल्ताना को चेतावनी दी थी. इसी बीच 31 जनवरी की रात करीब आठ बजे सुल्ताना घर में किसी को बिना बताए घर से निकल गई. अगले दिन उसने हिंदु परंपरा के अनुसार पुराने हैदराबाद स्थित आर्य समाज मंदिर में नागाराजू से शादी कर ली. 

एक दिन पहले सुल्ताना ने बदला था नाम

मोबिन के परिवार को जानकारी हुई कि सुल्ताना ने घर छोड़ने से एक दिन पहले अपना नाम बदल लिया था और उसने अपना नाम पल्लवी रख लिया था. इसके बाद उसने नागाराजू से शादी की थी. शादी की जानकारी के बाद मोबिन के परिवार ने नागाराजू को अपनी बहन को छोड़ने के लिए कहा, लेकिन नागाराजू और उसके परिवार ने इससे इनकार कर दिया. इसके बाद मोबिन ने नागाराजू को मारने का प्लान बनाया.

नागाराजू का लोकेशन खोजने के लिए 'FIND MY DEVICE' ऐप का किया यूज

मोबिन ने नागाराजू का लोकेशन खोजने के लिए 'FIND MY DEVICE' नाम के ऐप का यूज किया. ऐप के जरिए मोबिन को नागाराजू की लोकेशन सरूरनगर के पास मिली. चार मई 2022 को मोबिन ने अपने साथ को फोन किया और कहा कि वह सरूरनगर आ जाए. इसके बाद मोबिन मसूद अहमद के साथ बस से अपने साथ लोहे का रॉड और चाकू लेकर मियापुर पहुंचा. 

मियापुर से मोबिन अपने साथी के साथ सरूरनगर के लिए रवाना हुआ. यहां उन्होंने फाइंड माय डिवाइस ऐप के जरिए नागाराजू के सटीक लोकेशन का पता किया. ऐप में नागाराजू का लोकेशन मूसारामबाग में दिखा. यहां जब मोबिन पहुंचा तो नागाराजू दिख गया. इस दौरान सुल्ताना भी साथ थी. इसके बाद मोबिन और मसूद अहमद ने मिलकर नागाराजू और सुल्ताना को रोका और फिर नागाराजू के सिर पर लोहे के रॉड से वार कर दिया. एक ही वार में नागाराजू सड़क पर गिर गया. इसके बाद मोबिन और मसूद ने रॉड और चाकू से नागाराजू पर ताबड़तोड़ वार करने लगे. नागाराजू की मौत की पुष्टि के बाद दोनों आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए. 

नागराजू को एक महीने से ट्रैक कर रहे थे आरोपी

रिपोर्ट में बताया गया है कि मोबिन ने अपनी बहन सुल्ताना के मोबाइल से नागाराजू का नंबर निकाला था. सुल्ताना के फोन में तलाशी के दौरान नागाराजू का मेल आईडी भी मिला. इसके बाद उसने "फाइंड माई डिवाइस" ऐप डाउनलोड किया और नागाराजू को ट्रैक करने के लिए उसके मोबाइल नंबर और मेल आईडी का यूज किया. आरोपी मोबिन करीब एक हफ्ते से नागाराजू की तलाश में जुटा था. 

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