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EXCLUSIVE: 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' सचिन वाजे की रहस्यमयी रही है खुद की दुनिया

मनसुख हिरेन की मौत के मामले में गिरफ्तार मुंबई पुलिस के अफसर सचिन वाजे 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' ही नहीं हैं. पुलिस की नौकरी के अलावा उनकी एक अलग ही दुनिया रही है. वाजे ने फेसबुक स्टाइल में सोशल मीडिया नेटवर्क बनाया, खुद का सर्च इंजन तैयार किया. 2 किताबें भी लिखीं, साथ ही और भी बहुत कुछ किया.

पुलिस अफसर सचिव वाजे को एनआईए ने गिरफ्तार किया (पीटीआई) पुलिस अफसर सचिव वाजे को एनआईए ने गिरफ्तार किया (पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 16 साल के निलंबन के बाद पिछले साल बहाल हुए थे सचिन वाजे
  • मुंबई पुलिस में API वाजे 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' के रूप में चर्चित
  • NIA ने मनसुख हिरेन की मौत के मामले में वाजे को गिरफ्तार किया

उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के पास मिले विस्फोटक के मामले में संदिग्ध संलिप्तता के लिए सुर्खियों में रहे मुंबई पुलिस के गिरफ्तार अफसर सचिन वाजे ने कई जिंदगियां जी हैं. एनकाउंटर स्पेशलिस्ट से लेकर अपना सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म चलाने और वॉट्सऐप जैसा स्वदेशी मैसेजिंग ऐप डिजाइन करने वाले इस पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट ने पुलिसिंग के अलावा कई और क्षेत्रों में हाथ आजमाया है.

यही सब कुछ नहीं है इस निलंबित सहायक पुलिस निरीक्षक (एपीआई) ने दो किताबें भी लिखी है, उनके नाम पर छह ट्रेडमार्क पंजीकृत थे और एक बार कॉपीराइट उल्लंघन के मामले में वह बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा पर मुकदमा दायर कर चुके हैं.

सचिन वाजे को पिछले साल जून में उनकी बहाली से पहले 2003 में ख्वाजा यूनुस की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में उनकी कथित भूमिका के कारण निलंबित कर दिया गया था. 2020 में मुंबई पुलिस में लौटने से पहले, वाजे ने प्रौद्योगिकी, एन्क्रिप्टेड सामग्री, सोशल मीडिया, साइबर स्पेस और संचार की दुनिया में एंट्री की.

मुंबई पुलिस के इस दागी अफसर के पुलिस की नौकरी के अलावा उसके जीवन के अन्य पक्षों का विस्तृत अवलोकन किया गया है.

वाजे का अपना मैसेजिंग ऐप
ख्वाजा यूनुस मामले में सचिन वाजे की कथित भूमिका के बाद उनके निलंबन से पहले, वाजे ने तकनीक से संबंधित अपराधों जैसे साइबर-क्राइम, बैंक कार्ड और धोखाधड़ी आदि पर काम किया.

अपने निलंबन के बाद, उन्होंने कई प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्मों और उत्पादों को बनाने में तकनीक के साथ अपने साइबर कौशल और अनुभव का उपयोग किया.

इनमें से सबसे प्रभावशाली उनका मैसेजिंग और कम्युनिकेशन ऐप "डायरेक्ट बात" था. उद्यमियों, सरकारी एजेंसियों और हाई-प्रोफाइल लोगों के लिए खासतौर पर डिजाइन किया गया था, वाजे ने इस पेड सर्विस को 'धरती पर सबसे सुरक्षित संचार सूट' होने का दावा किया.

यह प्लेटफॉर्म अक्टूबर 2018 में लॉन्च किया गया था. एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म, संदेश भेजने, वीडियो कॉलिंग और फाइल साझा करने में सक्षम, जिसे तकनीकी विशेषज्ञ संयोग शेलार के साथ मिलकर डिजाइन किया गया था.

डेवलपर्स की ओर से गूगल प्लेस्टोर को दिया गया लिंक अब उपलब्ध नहीं है और यह सुझाव दिया गया है कि इस ऐप को हटा दिया गया है. 

वाजे का सर्च इंजन
दागी पुलिस अफसर सचिन वाजे ने इसके अलावा भारत-केंद्रित लोगों की जानकारी तलाशने के लिए सर्च इंजन भी बनाया, और यूजर्स को मुफ्त और पेड सर्विस प्रदान कीं. 2012 में इसे लॉन्च किया गया. सचिन वाजे की Indianpeopledirectory.com नाम का सर्च इंजन नाम, पता, संपर्क और पृष्ठभूमि खोज से संबंधित सेवाओं की पेशकश करने का दावा करती है.

'मराठी फेसबुक' का वाजे वर्जन
सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी फेसबुक ने साल 2006 में अपने दरवाजे यूजर्स के लिए खोल दिए थे और निलंबित मुंबई पुलिस के अफसर को इसे फॉलो करने की जल्दी थी. उन्होंने 2010 में मराठी भाषी उपयोगकर्ताओं के लिए एक स्थानीय सोशल नेटवर्क प्लेटफॉर्म का अपना वर्जन लॉन्च किया.

अब अयोग्य कराए दिए गए इस सोशल नेटवर्क प्लेटफॉर्म ने एक बार खुद को "मराठी फेसबुक" के रूप में प्रचार किया था. इसके प्रमोशनल वीडियो ने मराठी लोगों को अपने खुद के सोशल नेटवर्क में आने और दोस्तों तथा सहकर्मियों के साथ जुड़ने का आह्वान किया था. 

मार्क ज़ुकरबर्ग के फेसबुक की तरह, सचिन वाजे के प्लेटफॉर्म ने अपने यूजर्स को 'असीमित संख्या में फोटो, पोस्ट लिंक और वीडियो' की पेशकश की.

सचिन वाजे ने कानून, सुरक्षा, कंप्यूटर हार्डवेयर और सोशल नेटवर्किंग से जुड़ी सेवाओं के लिए अपने नाम के खिलाफ छह ट्रेडमार्क दावे दायर किए थे. वाजे द्वारा दावा किए गए कुछ ट्रेडमार्क्स में "LAPCOP", "KNOW YOUR LAW", "A Fascinating Side of Life" और "LAI BHAARI" शामिल थे.

अपने ट्रेडमार्क का लाभ उठाते हुए सचिन वाजे ने एक बार कॉपीराइट उल्लंघन के लिए एक्टर रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा पर केस दायर किया, क्योंकि उन्होंने 2014 में उनके ट्रेडमार्क से मेल खाते नाम के साथ एक मराठी फिल्म लॉन्च की थी.

यही नहीं वाजे ने 26/11 के मुंबई आतंकी हमले पर दो किताबें भी लिखीं.

2012 में आई उनकी मराठी किताब "जिन्कुन हरेली लढाई" में उस आतंकी हमलों के बारे में विस्तार से कई बातें बताई गई थीं. 

सचिन वाजे ने अपनी दूसरी किताब 'द स्काउट' को एक अन्य पूर्व पुलिस अफसर शिरीष थोरात के साथ मिलकर लिखी थी. 2019 में आई इस अंग्रेजी किताब में आतंकी हमलों का जिक्र किया गया था. 

अब क्यों सुर्खियों में सचिन वाजे 
25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास विस्फोटक सामग्री से भरी कार मिली थी. बाद में जांच में वाजे की कथित भूमिका सामने आई. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले में संदिग्ध भूमिका के लिए सचिन वाजे को गिरफ्तार किया है. 

एनआईए ने मनसुख हिरेन की मौत के मामले में वाजे को गिरफ्तार किया. शुरुआती जांच के बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को हटा दिया गया. अब 1987 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अफसर हेमंत नागराले को मुंबई पुलिस का नया कमिश्नर बनाया गया.


 

 

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