गरीबों की थाली में मिठास भरने के लिए मोदी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. मोदी सरकार चीनी वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए फूलप्रूफ ऑनलाइन सिस्टम डेवलप करने जा रही है.चीनी वितरण की यह प्रक्रिया पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत अनाज की बिक्री की तरह होगी.
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार चीनी के वितरण के लिए पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत अनाज की बिक्री की तरह एक पारदर्शी, ऑनलाइन प्रक्रिया तैयार कर रही है.
बता दें कि अनाज के वितरण के लिए PDS की व्यवस्था पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड
है. इसमें राशन कार्ड/लाभार्थी और अन्य डेटाबेस का डिजिटाइजेशन, ऑनलाइन
एलोकेशन, सप्लाई चेन मैनेजमेंट का कंप्यूटराइजेशन शामिल हैं.
सरकार के इस फैसले बाद कैबिनेट से प्रति माह एक किलोग्राम चीनी सब्सिडी पर देने की स्वीकृति मांगी जाएगी. सब्सिडी पर चीनी की सप्लाई का फायदा देश के करीब 17 करोड़ गरीब परिवारों को मिलेगा. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक फिलहाल अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के तहत 2.5 करोड़ परिवारों को 13.5 रुपये किलो पर चीनी की आपूर्ति की जा रही है.
सूत्रों के मुताबिक अतिरिक्त 16.29 करोड़ लाभार्थी परिवारों को एक किलो चीनी दी जाएगी. इस फैसले से सरकारी खजाने पर 4,727 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा. बता दें कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सरकार 80 करोड़ लोगों को 5 किलो अनाज हर महीने काफी सस्ती दर पर उपलब्ध कराती है. इसके तहत गेहूं 2 रुपये किलो जबकि चावल 3 रुपये किलो दिया जा रहा है.