पैसों की कमी की वजह से जेट एयरवेज ने 17 अप्रैल को अपने परिचालन को
अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया था. इसके बाद सैकड़ों कर्मचारी
प्रतिद्वंद्वी कंपनियों में शामिल हो गए. जेट के विमान भी धीरे-धीरे दूसरी
कंपनियां खरीदने लगी हैं. इन घटनाओं ने एयरलाइन के दोबारा से शुरू होने के
बारे में अनिश्चितताओं को बढ़ा दिया है.
जेट एयरवेज के इस संकट के बीच अधिकांश शीर्ष स्तर के अधिकारियों ने कंपनी का साथ छोड़ दिया है. निजी कारणों का जिक्र करते हुए इस्तीफा देने वालों में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) और कंपनी सेक्रेटरी शामिल हैं.