बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में गिने जाने वाले SKMCH मुजफ्फरपुर से बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला की डिलीवरी हुई तो बताया गया कि बेटे का जन्म हुआ है. लेकिन जब जच्चा-बच्चा को घर लाया गया तो नवजात बच्ची थी. परिजनों ने तुरंत अस्पताल प्रबंधन के साथ ही पुलिस से शिकायत की. अब SDPO विनीता सिन्हा इस मामले की जांच कर रही हैं. अस्पताल प्रशासन से जवाब-तलब किया जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना इलाके के विजय छपरा निवासी अजीत कुमार की पत्नी चंचल कुमारी को श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) के प्रसव वार्ड में भर्ती कराया गया था. अस्पताल स्टाफ ने नॉर्मल डिलीवरी के बाद परिजनों को बताया कि बेटे का जन्म हुआ है. परिजनों का दावा है कि खुशी के माहौल में अस्पताल कर्मियों को मिठाई खिलाई और 2000 रुपये नेग के रूप में भी दिए.
परिजनों का कहना है कि अस्पताल स्टाफ ने जिस समय बच्चे को दिखाया, उस वक्त भी उन्हें लड़का ही बताया गया. इसके बाद परिवार जच्चा-बच्चा को डिस्चार्ज कर घर लेकर चला गया. लेकिन घर पहुंचते ही उन्हें शक हुआ और जब उन्होंने बच्चे को ध्यान से देखा तो पाया कि नवजात बच्ची है. इस पर परिजनों ने तुरंत अस्पताल लौटकर हंगामा किया और आरोप लगाया कि जानबूझकर उनके बच्चे को बदल दिया गया है.
अजीत कुमार ने कहा कि अस्पताल में दिखाया गया तो बेटा था, लेकिन घर लाने पर बच्ची निकली. जाते समय उतना ध्यान नहीं दिया. अब समझ नहीं आ रहा कि हमारा बच्चा कहां है.
इस मामले की सूचना मिलते ही नगर-2 की SDPO विनीता सिन्हा मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी. उन्होंने कहा कि परिजनों ने शिकायत की है कि जो बच्चा उन्हें मिला है, वह उनका नहीं है. जांच की जा रही है. अस्पताल के सीनियर अधिकारी भी मामले को देख रहे हैं. ड्यूटी पर तैनात स्टाफ से पूछताछ हो रही है. जिम्मेदारी तय की जाएगी.
बताया जा रहा है कि जिस समय डिलीवरी हुई, उसी वार्ड में कई और बच्चों का जन्म हुआ था. आशंका जताई जा रही है कि गफलत में बच्चों की अदला-बदली हो गई. फिलहाल पुलिस, अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की टीम इस पूरे मामले की तहकीकात कर रही है.