जोहरान ममदानी ने इमाम के साथ तस्वीर खिंचवाई, ट्रंप ने कहा- एक अनर्थ होने को है, इसने उड़ाया था वर्ल्ड ट्रेड सेंटर!

न्यूयॉर्क के मेयर का चुनाव लड़ रहे भारतीय मूल के जोहरान ममदानी एक नए विवाद में आ गए हैं. दरअसल ममदानी पिछले दिनों एक मस्जिद में जुमे की नमाज में शामिल हुए थे. यहां उन्होंने एक ऐसी तस्वीर खिंचवाई जिसको लेकर ट्रंप और मस्क ने उनपर हमला किया है.

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जोहरान ममदानी (बीच में) इमाम सिराज वहाज (दाएं) के साथ. (Photo:X/ZohranKMamdani) जोहरान ममदानी (बीच में) इमाम सिराज वहाज (दाएं) के साथ. (Photo:X/ZohranKMamdani)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 2:21 PM IST

न्यूयॉर्क के मेयर पद के उम्मीदवार जोहरान ममदानी नए विवाद में फंस गए हैं. इस विवाद की वजह उनकी एक मौलवी के साथ तस्वीर है. इस मौलवी के बारे में दावा किया जाता है कि वो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में हुए धमाके में षडयंत्रकारी था. जोहरान ममदानी हाल ही में मस्जिद अंत-तकवा पहुंचे थे. इस दौरान उसने ये तस्वीर खिंचवाई थी.  

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पिछले हफ़्ते 34 वर्षीय भारतीय मूल के ममदानी ब्रुकलिन की मस्जिद में जुमे की नमाज़ में शामिल हुए और उन्हें इमाम सिराज वहाज के साथ मुस्कुराते और हाथ में हाथ डाले खड़े देखा गया. सिराज वहाज 1993 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में हुए बम विस्फोट में एक सह-साजिशकर्ता है. हालांकि अभी तक सिराज वहाज पर आरोप नहीं लगाया गया है. इस धमाके में 6 लोग मारे गए थे. 

डेमोक्रेटिक नेता जोहरान ममदानी ने वहाज के साथ तस्वीरें भी पोस्ट कीं और उन्हें देश के "प्रमुख मुस्लिम नेताओं" में से एक और ब्रुकलिन में मुस्लिम समुदाय का "स्तंभ" बताया. इसके बाद रिपब्लिकन सांसदों और नेताओं ने ममदानी की तीखी आलोचना की. इस आलोचना में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और टेक दिग्गज एलन मस्क भी शामिल थे. 

जोहरान ने पोस्ट किया, "आज मस्जिद अत-तकवा में मुझे देश के अग्रणी मुस्लिम नेताओं में से एक और bed study समुदाय के एक स्तंभ इमाम सिराज वहाज से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ."

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ट्रंप-मस्क की प्रतिक्रिया

ममदानी की तीखी आलोचना कर चुके ट्रंप ने इसे शर्मनाक बताया और सिराज वहाज को प्रमोट करने के लिए ममदानी को फटकार लगाई. सिराज-वहाज की आलोचना भड़काऊ बयानबाजियों के लिए भी हो चुकी है.

ट्रंप ने कहा, "ममदानी वाली बात... एक अनर्थ होने जैसा है, यह शर्म की बात है कि वह व्यक्ति उनका समर्थन कर रहा है और उनके साथ बहुत दोस्ताना व्यवहार कर रहा है. आप देख सकते हैं कि दोनों के बीच एक रिश्ता है. इसने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को उड़ा दिया, है ना?" 

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक्स के ज़रिए डेमोक्रेट्स से ममदानी की "आतंकवादी साजिश में एक अज्ञात सह-साजिशकर्ता" के साथ प्रचार करने के लिए व्यापक रूप से निंदा करने का आग्रह किया.

न्यूयॉर्क की रिपब्लिकन प्रतिनिधि एलिस स्टेफ़ानिक ने ममदानी को एक "जिहादी" कहा जो "आतंकवादियों के साथ खुलेआम प्रचार कर रहा है."

वहीं बिजनेस टायकून एलन मस्क ने ममदानी की वहाज से मुलाकात पर सिर्फ़ "wow" टिप्पणी की.

मस्क जो हाल ही में 500 अरब डॉलर की संपत्ति वाले पहले व्यक्ति बने हैं, अक्सर ममदानी पर गूढ़ टिप्पणियों के जरिए निशाना साधते रहे हैं. इससे पहले ममदानी ने कहा था कि अरबपतियों का अस्तित्व ही नहीं होना चाहिए.

आलोचनाओं के बीच चुप्पी साधे रखने वाले ममदानी ने आरोप लगाया है कि उन्हें उनके धर्म के कारण निशाना बनाया जा रहा है. न्यू यॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार ममदानी ने पत्रकारों से कहा, "ऐसा मेरे धर्म के कारण और इसलिए है क्योंकि मैं यह चुनाव जीतने की कगार पर हूं." 

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न्यू यॉर्क मेयर चुनाव 4 नवंबर 2025 को होने वाला है.

कौन है CIA को असली आतंकवादी कहने वाला सिराज वहाज?

इस पूरे विवाद ने ब्रुकलिन मस्जिद के 75 वर्षीय इमाम सिराज वहाज को सुर्खियों में ला दिया है.

हालांकि वहाज पर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर हमले का कोई आरोप नहीं लगाया गया,फेडरल जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कुछ आरोपी उनकी मस्जिद में गए थे. हालांकि वहाज ने हमले से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है, लेकिन उन्होंने हमले के पीछे के लोगों का बचाव किया है और यहां तक कि एफबीआई और सीआईए को "असली आतंकवादी" करार दिया है. 

माना जाता है कि वह आतंकवादी शेख उमर अब्देल-रहमान, जिसे "ब्लाइंड शेख" के नाम से भी जाना जाता है, से करीबी से जुड़ा है. इस शख्स को 1993 के बम विस्फोट की साजिश रचने का दोषी ठहराया गया था.

दरअसल वहाज ने रहमान के लिए गवाही भी दी है और उसे "इस्लाम का एक साहसी और सशक्त प्रचारक" बताया है.

इमाम ने समलैंगिकता के खिलाफ तीखी आलोचना की है, और अवैध संबंधों के लिए पत्थर मारने का आह्वान किया है और बहुविवाह की वकालत की है.उसके भड़काऊ बयानों ने भी कई बार ध्यान खींचा है.

कई साल पहले वहाज ने कहा था कि अगर अमेरिकी मुसलमान एकजुट हो जाएं तो "उन्हें बुश या क्लिंटन को वोट देने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी" और वे अपना खुद का अमीर चुन सकते हैं और उसके प्रति वफादारी जता सकते हैं. 
 

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