अमेरिका के हवाई स्टेट के जंगलों में लगी आग विकराल रूप धारण करती जा रही है. दावानल की चपेट में आने से पूरा शहर तबाह हो गया है. माउई द्वीप के लहानिया शहर में लगी आग से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 67 हो गई है, जबकि एक हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है. 1000 से अधिक इमारतें जलकर राख हो चुकी हैं. सर्च टीमें लगातार लाहिना के सुलगते जंगलों की तलाशी में लगी हुई हैं. ये पता लगाया जा रहा है कि कहीं कोई आग से घिरा तो नहीं है. इसके साथ ही अधिकारी अब ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ऐतिहासिक रिसॉर्ट शहर में आग इतनी तेजी से कैसे फैल गई. माउई के हवाई द्वीप में लगी जंगल की इस आग में भारत से भेजा गया करीब 150 साल पुराना बरगद का पेड़ भी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है. यह आग राज्य के इतिहास में सबसे घातक प्राकृतिक आपदा बन गई है.
आग से 1000 घर जलकर राख
अधिकारियों ने कहा है कि स्निफर डॉग्स की मदद से जान गंवाने वालों की तलाश की जा रही है. अभी मृतकों का जो आंकड़ा जारी किया गया है, ये संख्या बढ़ भी सकती है. उन्होंने कहा कि आग की वजह से 1000 घर जलकर तबाह हो गए हैं. हजारों लोग बेघर हो गए हैं. इस शहर के पुनर्निर्माण के लिए कई साल और अरबों डॉलर की आवश्यकता है.
क्या है 150 साल पुराने बरगद के पेड़ की खासियत?
भारत से भेजे गए 150 पुराने बरगद के पेड़ में 46 तने हैं. इसे हवाई में पनियाना कहा जाता है, 1873 में जब इसे माउई के लहानिया शहर में लगाया गया था, तब यह महज 8 फुट का पौधा था. ऑनलाइन पोर्टल lahainatown.com के मुताबिक भारत से आयातित और 1873 में लहानिया कोर्टहाउस और लहानिया हार्बर के सामने लगाया गया यह विशाल पेड़ संयुक्त राज्य अमेरिका में सबसे बड़े बरगद के पेड़ों में से एक है. यह फ्रंट स्ट्रीट के साथ पूरे शहर के ब्लॉक के आकार का है इसकी ऊंचाई 60 फुट से ज्यादा है. ऐतिहासिक शहर लहानिया में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है. शहर के केंद्र में जो कुछ भी है वह पूरी तरह से तबाह हो गया है. आग के कारण बहुमूल्य और विशाल बरगद के पेड़ को भी भारी नुकसान पहुंचा है. इसकी कई शाखाएं आग की चपेट में आ गई हैं. बरगद का यह पेड़ इस साल अप्रैल में 150 साल का हो गया था.
शहर में नहीं बजे इमरजेंसी सायरन
जब जंगल की आग शहरों की ओर बढ़ रही थी, तब कई लोगों को चेतावनी जारी की गई थी कि वह जल्द से जल्द वहां से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएं. जबकि एक अधिकारी ने कहा कि इस द्वीप में प्राकृतिक आपदाओं और अन्य खतरों की चेतावनी देने के लिए आपातकालीन सायरन लगे हुए हैं, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि आग लगने के दौरान वे बजे ही नहीं.
गवर्नर ने गिनाईं कई चुनौतियां
हवाई के गवर्नर जोश ग्रीन ने चेतावनी सायरन का जिक्र करते हुए बताया कि मैंने यह सुनिश्चित करने के लिए आज सुबह एक व्यापक समीक्षा की है वास्तव में क्या हुआ और कब हुआ. ग्रीन ने एक साथ कई चुनौतियों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जब लाहिना के लिए सबसे बड़ा खतरा पैदा हुआ तो दूरसंचार बंद हो गया और अग्निशामकों ने जंगल की आग पर ध्यान केंद्रित किया. उन्होंने कहा कि हम यह पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे कि आगे चलकर हम अपने लोगों की अधिक सुरक्षा कैसे कर सकें.
जिस दिन आग लगी, तभी से बिजली गुल
काउंटी के मेयर रिचर्ड बिसेन ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि सायरन बजा था या नहीं, लेकिन उन्होंने कहा कि आग असाधारण रूप से तेज़ी से फैली. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह एक असंभव स्थिति थी. यह आपदा मंगलवार आधी रात के बाद सामने आनी शुरू हुई, जब लाहिना से लगभग 35 मील (56 किमी) दूर कुला शहर में आग लगने की सूचना मिली. स्थानीय निवासियों के अनुसार उस दिन सुबह लगभग पांच घंटे बाद लाहिना में बिजली गुल हो गई थी.
पूरा लहानिया जलकर खाक हुआ
बता दें कि अब माउई द्वीप का पश्चिमी इलाका पूरी तरह से अलग-थलग पड़ चुका है. सिर्फ एक ही हाईवे खुला है. वहां मौजूद लहानिया शहर के हजारों लोगों को सुरक्षित इलाकों में भेजा गया है. कई लोग धुएं, तेज आंच और आग से बचने के लिए समुद्र में भाग गए. लहानिया से भागे मेसन जारवी ने बताया कि इससे पहले उन्होंने ऐसी आपदा नहीं देखी थी. पूरा का पूरा लहानिया जलकर खाक हो चुका है. यह किसी प्रलय से कम नहीं है. मेसन अपने पालतू कुत्ते को बचाने के चक्कर में थोड़ा सा जल भी गए हैं.
पश्चिमी इलाका पूरी तरह से अलग-थलग पड़ा
हवाई इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी ने कहा कि नेशनल वेदर सर्विस ने सभी हवाई द्वीपों के लिए रेड फ्लैग वॉर्निंग या हाई विंड एडवाइजरी जारी नहीं कर रही है. लेकिन माउई द्वीप के लिए है. हवाई की लेफ्टिनेंट गवर्नर सिल्विया ल्यूक इस समय लहानिया और आसपास के इलाकों की जांच कर रही है. नुकसान का आकलन कर रही हैं.
aajtak.in