ट्रंप के डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी का हिस्सा नहीं होंगे विवेक रामास्वामी, व्हाइट हाउस ने दी जानकारी

भारतीय मूल के उद्यमी विवेक रामास्वामी अब डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) का हिस्सा नहीं रहेंगे. व्हाइट हाउस ने इसकी जानकारी दी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी घोषणा की थी और उन्हें अरबपति एलन मस्क के साथ नेतृत्व के लिए चुना था. डोनाल्ड ट्रंप से आयोवा कॉकस हारने के बाद 38 वर्षीय एंटरप्रेन्योर विवेक रामास्वामी ने राष्ट्रपति की दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया था.

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डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी का हिस्सा नहीं होंगे विवेक रामास्वामी (Photo: Reuters) डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी का हिस्सा नहीं होंगे विवेक रामास्वामी (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • वॉशिंगटन,
  • 21 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 4:37 AM IST

भारतीय मूल के उद्यमी विवेक रामास्वामी अब डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) का हिस्सा नहीं रहेंगे. व्हाइट हाउस ने इसकी जानकारी दी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी घोषणा की थी और उन्हें अरबपति एलन मस्क के साथ नेतृत्व के लिए चुना था. डोनाल्ड ट्रंप से आयोवा कॉकस हारने के बाद 38 वर्षीय एंटरप्रेन्योर विवेक रामास्वामी ने राष्ट्रपति की दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया था. उन्होंने ओहियो के गवर्नर के लिए चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है.

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ट्रंप के शपथ ग्रहण करने के कुछ घंटों बाद ही DOGE से रामास्वामी के हटाए जाने की पुष्टि हो गई. गवर्नमेंट एफिशिएंसी कमीशन की प्रवक्ता अन्ना केली ने DOGE के गठन में मदद के लिए रामास्वामी की 'महत्वपूर्ण भूमिका' की प्रशंसा की.

'वो चुनाव लड़ना चाहते हैं इसलिए उन्हें बाहर जाना होगा' 

केली ने एक बयान में कहा, 'वह चुनाव लड़ना चाहते हैं जिसके लिए उन्हें DOGE से बाहर रहना होगा, जो आज घोषित किए गए स्ट्रक्चर पर आधारित है. हम पिछले दो महीनों में उनके योगदान के लिए उनका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं और उम्मीद करते हैं कि वह अमेरिका को फिर से महान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.'

पिछले साल नवंबर में ट्रंप ने मस्क और रामास्वामी को DOGE के को-लीडर्स के रूप में नियुक्त किया था. मस्क की पसंदीदा क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर बने DOGE का उद्देश्य संघीय संचालन को सुव्यवस्थित करना और साथ ही बेकार के खर्चों में कटौती करना है. अपने नाम के बावजूद, यह विभाग सरकार के बाहर काम करेगा.

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कौन हैं विवेक रामास्वामी?

39 साल के विवेक रामास्वामी टेक सेक्टर के बड़े बिजनेसमैन हैं. उनका जन्म तमिल भाषी ब्राह्मण परिवार में हुआ था. विवेक रामास्वामी के बचपन में ही उनके माता-पिता केरल से अमेरिका जाकर बस गए थे. उनका लालन-पालन ओहायो में हुआ. वह रोमन कैथोलिक स्कूल गए थे लेकिन वह अपने परिवार के साथ अक्सर मंदिर जाते थे.उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से बायोलॉजी की डिग्री हासिल की थी. इसके बाद वह येल लॉ स्कूल गए. 

उन्होंने हेज फंड इन्वेस्टर के तौर पर काम किया है. येल यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएट होने से पहले ही वह लाखों डॉलर कमा चुके थे. 2014 में उन्होंने बायोटेक कंपनी Roivant Sciences की स्थापना की थी, जो दवाइयों के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों से पेटेंट खरीदती हैं. उन्होंने 2021 में इस कंपनी के सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया था. फोर्ब्स मैगजीन के मुताबिक, 2023 में उनकी कुल संपत्ति 63 करोड़ डॉलर के आसपास थी.

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