निशाने पर ईरान का समुद्री गेटवे, चाबहार पर अमेरिकी हमले में कंट्रोल टावर और सैन्य ठिकाने ध्वस्त

अमेरिका ने ईरान के चाबहार बंदरगाह पर हमला किया है. यह अप्रैल के सीजफायर के बाद इस इलाके में अमेरिका की पहली कार्रवाई है. हमले में बंदरगाह की जेटी और यातायात नियंत्रण टावर को नुकसान पहुंचा और शहर में बिजली गुल हो गई. चाबहार ईरान का इकलौता गहरे पानी वाला बंदरगाह है जिसमें भारत ने भी बड़ा निवेश किया है.

Advertisement
अमेरिका ने ईरान के दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर चाबहार पर सैन्य हमला किया है (Photo: Reuters) अमेरिका ने ईरान के दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर चाबहार पर सैन्य हमला किया है (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:35 PM IST

अमेरिका ने ईरान के दक्षिण पूर्वी बंदरगाह शहर चाबहार पर पहली बार सैन्य हमला किया है. यह अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद इस इलाके में अमेरिका की पहली कार्रवाई है. इस हमले से यह साफ हो गया है कि अमेरिका अब होर्मुज से आगे बढ़कर ईरान के हिंद महासागर से जुड़े तटीय इलाकों को भी निशाना बना रहा है. 

चाबहार में कई धमाके सुने गए और शहर के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई. स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने लगातार कई धमाकों की आवाजें सुनीं जिसके बाद बचाव दल मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया.

Advertisement

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में समुद्री ढांचे और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया जिनका इस्तेमाल ईरान व्यापारिक जहाजों को धमकाने के लिए करता रहा है. 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले में बंदरगाह की जेटी, समुद्री यातायात नियंत्रण टावर और आसपास के कुछ सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा है. हालांकि आम नागरिकों के इस्तेमाल वाले बंदरगाह हिस्सों और तेल से जुड़े अहम ढांचे को जानबूझकर बचाया गया है.

चाबहार बंदरगाह की अहमियत इसलिए बड़ी है क्योंकि यह होर्मुज के बाहर ओमान की खाड़ी में स्थित है. यह ईरान का इकलौता गहरे पानी वाला समुद्री बंदरगाह है जो उसे सीधे हिंद महासागर से जोड़ता है. यह बंदरगाह ईरान के लिए लंबे समय से एक अहम आर्थिक जरिया रहा है. 

यह भी पढ़ें: इधर पाकिस्तान बातचीत की टेबल सजा रहा था, उधर फिर लड़ पड़े US-ईरान, क्या करेंगे शहबाज-मुनीर?

Advertisement

भारत ने भी इस बंदरगाह में बड़ा निवेश किया है ताकि दक्षिण एशिया को अफगानिस्तान और मध्य एशिया से जोड़ने वाला एक व्यापारिक रास्ता तैयार हो सके, जिसमें पाकिस्तान की जरूरत ना पड़े.

अब तक अमेरिका के ज्यादातर हमले बंदर अब्बास और होर्मुज से जुड़े सैन्य ठिकानों तक सीमित रहे हैं. लेकिन चाबहार पर हमला यह दिखाता है कि अमेरिका अब ईरान के तट के काफी पूर्वी हिस्सों को भी निशाना बनाने के लिए तैयार है. 

यह हमला उस वक्त हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही सीजफायर को खत्म बता दिया था और ईरान पर व्यापारिक जहाजों पर हमले का आरोप लगाया था. 

अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का मकसद होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखना है. वहीं ईरान ने इन हमलों को सीजफायर का उल्लंघन बताते हुए कड़ी चेतावनी दी है. इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है और आने वाले दिनों में और हमलों की आशंका जताई जा रही है.

इनपुट: IRIB

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »