ग्रीन कार्ड चाहिए? अब अमेरिका में रहकर नहीं मिलेगा, बदल गए नियम

अमेरिका ने ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है, जिसके तहत विदेशी नागरिकों को अब ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले अमेरिका छोड़ना होगा. ये नया नियम खासकर अंतरराष्ट्रीय छात्रों, H-1B वीजा होल्डर्स और भारतीय प्रवासियों को प्रभावित करेगा. भारतीयों पर इस नियम का गहरा असर होगा, क्योंकि वो अमेरिका में ग्रीन कार्ड पाने वाले दूसरे सबसे बड़े समूह हैं.

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ग्रीन कार्ड के लिए पहले अमेरिका छोड़कर अपने देश लौटना होगा. (Photo- ITGD) ग्रीन कार्ड के लिए पहले अमेरिका छोड़कर अपने देश लौटना होगा. (Photo- ITGD)

रोहित शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 23 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:39 AM IST

अमेरिका में परमानेंट रेजिडेंसी का सपना देख रहे हजारों भारतीय नागरिकों को डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने एक बहुत बड़ा झटका दिया है. अमेरिकी सरकार ने एक नया नियम लागू कर दिया है जिसके तहत ग्रीन कार्ड हासिल करने के लिए विदेशी नागरिकों को पहले अमेरिका छोड़ना होगा.

यूएस सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने शुक्रवार को इस नए नियम का ऐलान किया है. अब ग्रीन कार्ड लेने के लिए विदेशी नागरिकों को पूरी प्रक्रिया के दौरान अमेरिका में रहने की इजाजत नहीं होगी. 

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पहले लोग अमेरिका में अस्थाई वीजा पर रहते हुए ही ग्रीन कार्ड मिलने तक वहीं रुके रहते थे. लेकिन अब ऐसा करना मुमकिन नहीं होगा. उन्हें अमेरिका छोड़कर अपने देश वापस जाना होगा और वहीं से इमिग्रेंट वीजा के लिए अप्लाई करना होगा.

USCIS के प्रवक्ता जैक काहलर ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा, 'अब से जो विदेशी नागरिक अस्थाई रूप से अमेरिका में हैं और ग्रीन कार्ड चाहते हैं, उन्हें अप्लाई करने के लिए अपने होम कंट्री वापस लौटना ही होगा, बशर्ते कोई बहुत ही असाधारण परिस्थिति न हो.'

छात्रों और H-1B वीजा होल्डर्स पर पड़ेगा सीधा असर

अमेरिका के इस फैसले का सबसे बड़ा असर अमेरिका में रह रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों, एच-1बी (H-1B) वर्क वीजा होल्डर्स और टूरिस्ट पर पड़ सकता है. ये लोग बिना अमेरिका छोड़े ही अपनी कानूनी स्थिति को ग्रीन कार्ड में बदलने की उम्मीद कर रहे थे.

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प्रवक्ता जैक काहलर ने आगे कहा, 'हम कानून के असल मकसद की तरफ वापस लौट रहे हैं. हम ये चाहते हैं कि विदेशी नागरिक हमारे देश की इमिग्रेशन सिस्टम का सही तरीके से पालन करें.'

नए पॉलिसी मेमो के मुताबिक, अमेरिका में रहकर स्टेटस बदलना अब एक आम बात नहीं होगी, बल्कि इसे एक 'असाधारण राहत' के रूप में देखा जाएगा. इमिग्रेशन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वो हर मामले की अलग-अलग और बहुत बारीकी से जांच करें.

'इमिग्रेशन सिस्टम के गलत इस्तेमाल का दौर अब खत्म'

अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने भी इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है. विभाग ने ट्वीट कर कहा, 'जो विदेशी नागरिक अमेरिका में अस्थाई रूप से रह रहे हैं और ग्रीन कार्ड पाना चाहते हैं, उन्हें अप्लाइ के लिए अपने देश वापस जाना होगा. ये नीति हमारी इमिग्रेशन प्रणाली को कानून के मुताबिक काम करने में मदद करेगी. इससे कमियों और चोर रास्तों का फायदा उठाने की प्रवृत्ति रुकेगी. हमारे देश की इमिग्रेशन व्यवस्था का गलत इस्तेमाल करने का दौर अब पूरी तरह खत्म हो चुका है.'

यह भी पढ़ें: अमेरिका में ग्रीन कार्ड के लिए 'फर्जी लूट' का खेल, FBI ने 11 भारतीयों को किया गिरफ्तार

भारतीयों के लिए क्यों बड़ा है ये झटका?

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नया नियम भारतीय प्रवासियों के लिए ज्यादा परेशानी का मामला है. आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024 में 49,700 भारतीय मूल के प्रवासी ग्रीन कार्ड प्रक्रिया के जरिए अमेरिका के नागरिक बने थे. इस लिस्ट में मैक्सिको के बाद भारतीय नागरिक दूसरे सबसे बड़े समूह के रूप में शामिल थे. अमेरिकी नागरिकता (नेचुरलाइजेशन) पाने वाले लोगों में भारतीयों की हिस्सेदारी 6.1 प्रतिशत थी.

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