रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने उठाया बड़ा कदम, यूक्रेन में और भड़केगी खूनी जंग

रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. रूस अब यूक्रेन पर आक्रमक होते जा रहा है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को घोषणा की है कि यूक्रेन के चार क्षेत्रों में मार्शल लॉ लागू कर दिया गया है. पुतिन के इस कदम से जंग और तेज होनी तय है.

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ( फाइल फोटो ) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ( फाइल फोटो )

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 12:03 AM IST

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को एक कानून पर हस्ताक्षर किए हैं. इस कानून तहत यूक्रेन के जिन चार इलाकों को रूस ने अलग करने की घोषणा की थी, वहां मार्शल लॉ लागू हो जाएगा. रूस के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है. ये चार इलाके हैं- खेरसोन, जेपोरिजाजिया, दोनेत्स और लुहांस्क. हालांकि इन चारों इलाकों को रूस अभी पूरी तरह से अपने नियंत्रण में नहीं ले पाया है. उसे यूक्रेन की सेना से कड़ी टक्कर मिल रही है.  

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हालांकि, पुतिन ने कहा है कि गुरुवार से इन चारों इलाकों में मार्शल लॉ लागू हो जाएगा. सुरक्षा परिषद की अगली बैठक में इस कानून पर चर्चा की जाएगी.  

रूस इन इलाको में अपने नेताओं को कमान सौंपने के बाद अपने 60,000 लोगों को बसाने जा रहा है.

पुतिन ने टेलिविजन पर दिए संबोधन में कहा, मैं आपको याद दिला दूं कि डोनेत्स्क पीपल्स रिपब्लिक, लुहांस्क पीपल्स रिपब्लिक, खेरसोन और जेपोरिजाजिया के रूस में शामिल होने से पहले से वहां मॉर्शल लॉ लागू था. अब हमें रूस के कानून के हिसाब से इन इलाकों में नई व्यवस्था बनानी है. इसीलिए मैंने मॉर्शल लॉ को लेकर डिक्री पर हस्ताक्षर किए हैं. इसे जल्द ही रशियन फेडरेशन काउंसिल के पास भेजा जाएगा.

इस डिक्री के तहत यूक्रेन से सटे आठ इलाकों के भीतर और बाहर आवाजाही पर पाबंदी लगा दी जाएगी.

युद्ध तेज करने के लिए विशेष टीम का गठन 
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सुरक्षा परिषद के सदस्यों को टेलिविजन पर दिए संबोधन में स्थानीय प्रशासन को और ज्यादा शक्तियां देने की बात कही. रायटर्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध को तेज करने के लिए पुतिन ने प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्टिन के नेतृत्व में एक स्पेशल कोर्डिनेटिंग काउंसिल स्थापित करने का भी निर्देश दिया है.

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यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पिछले आठ महीने से चल रहे इस युद्ध में सितंबर के शुरुआत में पहली बार यूक्रेनी सेना के हाथों रूस को बड़ी हार का सामना करना पड़ा था. 

पुतिन ने रूस के 80 से ज्यादा इलाकों के नेताओं को महत्वपूर्ण इमारतों की सुरक्षा करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ज्यादा शक्तियां प्रदान की हैं. हालांकि, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है कि पुतिन के इस कदम से रूस की सेना जमीनी स्तर कितना मजबूत होगी और जनता पर इसका क्या असर होगा.

रूस की ओर से खेरसान में कार्यवाहक गवर्नर बनाए गए व्लादिमीर साल्दो ने पुष्टि की है कि वह सेना को सारी शक्तियां सौंप देंगे. हालांकि, डिक्री में जिन क्षेत्रों का जिक्र है, वहां के कई गवर्नरों ने कहा है कि इससे उनके लिए कुछ भी नहीं बदलने वाला है.

क्या होता है मार्शल लॉ?
यह लॉ आमतौर पर आपातकालीन व्यवस्था को बहाल करने के लिए लागू किया जाता है. मार्शल लॉ में कोई भी देश या क्षेत्र जनता या चुने हुए सरकार की बजाय सेना द्वारा प्रशासित होती है. इस लॉ के लागू होने के बाद वहां के नागरिकों की स्वतंत्रता और उनके मूल अधिकार रद्द हो जाते हैं. 

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इन चार क्षेत्रों पर है रूस का कब्जा 
हाल ही में रूस ने दावा किया था कि उसने यूक्रेन के चार क्षेत्र डोनेत्स्क, खेरसान, लुहांस्क और जेपोरीजिया में जनमत संग्रह कराया है और यहां के लोग रूस में मिलना चाहते हैं. लेकिन खेरसान में रूसी अधिकारियों ने यूक्रेनी हमले की आशंका में नागरिकों से कुछ क्षेत्रों को खाली करने को कहा था.

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