बीते तकरीबन एक हफ्ते से पाकिस्तानी आर्मी कत्लेआम मचा रही है. PoK में आसिम मुनीर के सेना ने जो नरसंहार किया है वह सबसे ताजा मामला है, लेकिन पाक सैनिक और सुरक्षा बल पूरे मुल्क में ही बड़े सिलसिलेवार तरीकों से ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. पाकिस्तानी सेना का टकराव सिर्फ बलोचिस्तान के लड़ाकों और वजीरिस्तान के विद्रोहियों भर से नहीं है, बल्कि सेना, सीमा पार भी कत्लेआम मचा रही है. अफगानिस्तान में हमला इसी की बानगी है.
PoK में मार दी गईं 7 गर्भवती महिलाएं!
बता दें कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर एक सीक्रेट डोजियर ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इंडिया टुडे को मिले इस कॉन्फिडेंशियल दस्तावेज में 5 जून से 9 जून के बीच पाकिस्तान द्वारा चलाए गए सुरक्षा अभियान का विवरण दिया गया है. इस दौरान 26 लोग मारे गए हैं, जिनमें 7 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं.
हक मांगने के बदले मिल रही हिंसा
सीक्रेट डोजियर में आरोप लगाया गया है कि जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए व्यापक बल प्रयोग किया गया. पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में चल रहे प्रदर्शन मानवाधिकार उल्लंघन, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक बदहाली के खिलाफ थे. प्रदर्शनकारी लंबे समय से अपने अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे थे. इसी दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई ने पूरे इलाके को हिंसा की आग में झोंक दिया.
सुरक्षा अभियान के दौरान बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे गए. इसमें 19 बच्चों और 7 गर्भवती महिलाओं की मौत हो गई. इन मौतों की स्वतंत्र और अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की मांग की गई है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन रिपोर्ट में इन्हें गंभीर मानवीय संकट के रूप में पेश किया गया है.
वजीरिस्तान में भी विद्रोहियों का दमन
उधर, पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के उत्तर वजीरिस्तान जिले में भी 6 से 8 जून को विद्रोह को कुचलने के लिए घातक ऑपरेशन चलाया. इस समय इन 72 घंटों के दौरान कई खुफिया अभियान चलाए. सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस यानी ISPR के अनुसार इन अभियानों में Fitna al-Khawarij से जुड़े 27 विद्रोही लड़ाके मारे गए जिन्हें पाकिस्तानी आर्मी यानी मुनीर सेना आतंकवादी मानती है. ये कार्रवाई जिले के मीर अली और मिरानशाह एरिया में हुई. ISPR ने कहा कि सुरक्षा बलों और विद्रोही लड़ाकों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जिसके बाद 27 लोगों की मौत हो गई थी. ISPR का कहना है कि मारे गए लड़ाके से जुड़े हुए थे.
अफगानिस्तान सीमा पर भी हमला, महिलाओं-बच्चों को बनाया निशाना
उधर, बीती रात (मंगलवार) को अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर सीमा पर तनाव गहरा गया. पाकिस्तानी सेना के लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उल्लंघन किया और अफगानिस्तान के इलाकों में स्थित आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाकर भारी बमबारी की है. इस हवाई हमले में महिलाओं और बच्चों समेत कई नागरिक हताहत हुए हैं. अफगान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, पाकिस्तानी हमलावर सेना ने कल रात एक बार फिर अफगानिस्तान की संप्रभुता का खुलेआम उल्लंघन किया.
जबीउल्लाह ने कहा कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के तीन प्रमुख प्रांतों- कुनार, खोस्त और पक्तिका में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया. इन इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों के घरों पर अंधाधुंध बमबारी की गई, जिससे कई घर पूरी तरह तबाह हो गए. इस हमले में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है. बमबारी में कुल 13 लोग मारे गए हैं, जिन्हें अफगान प्रशासन ने शहीद घोषित किया है. मरने वालों में सबसे ज्यादा संख्या मासूम बच्चों की है. इस हमले में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई. इसके अलावा हमले में 14 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. अफगानिस्तान के पूर्व प्रेसिडेंट हामिद करजई ने भी इस हमले की निंदा की है.
बलूचिस्तान में हिंसक सैन्य कार्रवाई
वही, बीते 2 जून को पाकिस्तनी आर्मी ने बलूचिस्तान में सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है. सेना ने पिछले हफ्ते हुए घातक ट्रेन हमले का बदला लेते हुए 17 विद्रोहियों को मार गिराया है. सुरक्षा बलों ने मारे गए विद्रोहियों के ठिकानों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया है. पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार (2 जून) को इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी दी. सेना ने बताया कि विद्रोहियों के पास से भारी तादाद में विस्फोटक और पहले से तैयार किए गए आईईडी भी जब्त किए गए हैं.
पाकिस्तानी सेना का कहना है कि इन इलाकों से विद्रोहियों का नामोनिशान मिटाने के लिए ये सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा. देश से आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए आतंकवाद विरोधी अभियान को पूरी रफ्तार से चलाया जाएगा.
बता दें कि 24 मई को बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा के सैन्य इलाके में एक शटल ट्रेन पर आतंकियों ने बम से हमला किया था. इस भीषण धमाके में 14 लोगों की जान चली गई थी. इस ट्रेन ब्लास्ट की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन 'बलूच लिबरेशन आर्मी' (BLA) ने ली थी.
इस तरह आसिम मुनीर की सेना मुल्क में तो दहशत फैला ही रही है, साथ ही सीमा से परे जाकर भी क्रूरता कर रही है.
aajtak.in