भारत-अमेरिका के साझा बयान पर भड़का पाकिस्तान, कहा- दो देश मिलकर हमें निशाना ना बनाएं

पाकिस्तान ने भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान पर गहरी आपत्ति जताते हुए एक बयान जारी किया है. बयान में पाकिस्तान ने कहा है कि दो देश मिलकर अपने राजनीतिक लाभ के लिए तीसरे देश को निशाना बना रहे हैं. बयान में पाकिस्तान के जिक्र को अनुचित और गैर-जरूरी करार दिया गया है.

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2+2 वार्ता से पहले नरेंद्र मोदी और जो बाइडेन ने वर्चुअल बैठक की (Photo- File) 2+2 वार्ता से पहले नरेंद्र मोदी और जो बाइडेन ने वर्चुअल बैठक की (Photo- File)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 6:46 PM IST
  • भारत-अमेरिका संयुक्त बयान में पाकिस्तान और आतंकवाद का जिक्र
  • भड़के पाकिस्तान ने जारी किया बयान
  • कहा- दो देश मिलकर राजनीतिक लाभ के लिए दे रहे ऐसा बयान

पाकिस्तान ने बुधवार को अमेरिका-भारत 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता के बाद जारी बयान में पाकिस्तान और आतंकवाद के जिक्र को अनुचित कहते हुए खारिज कर दिया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि भारत इस तरह के बयान से राज्य पोषित आतंकवाद और कश्मीरियों के खिलाफ अत्याचार को छुपाने की कोशिश कर रहा है.

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दरअसल, भारत-अमेरिका ने अपने संयुक्त बयान में कहा था कि पाकिस्तान आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे.

दोनों देशों के संयुक्त बयान पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है, 'बयान में कुछ खत्म हो चुके आतंकी संगठनों का संदर्भ दोनों देशों के गलत आतंकवाद विरोधी फोकस को दिखाता है.'

इमरान खान के पीटीआई समर्थक भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान में पाकिस्तान के जिक्र को लेकर कह रहे हैं कि ऐसा बयान इसलिए जारी किया गया क्योंकि पाकिस्तान की नई सरकार अमेरिका के समर्थन से बनी है. हालांकि, इस तरह के बयान अमेरिका की तरफ से पहले भी जारी किए जा चुके हैं.

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि दो देश मिलकर अपने राजनीतिक लाभ के लिए तीसरे देश को निशाना बना रहे हैं. ये देश वास्तविक और उभरते हुए आतंकवाद के खतरों से जनता की राय को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. 

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बयान में कहा गया कि पाकिस्तान के खिलाफ दिया गया बयान दुर्भावनापूर्ण है और इनमें विश्वसनीयता की कमी है. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पिछले दो दशकों में पाकिस्तान ने आतंकवाद से निपटने के लिए बड़े प्रयास किए हैं.

बयान में कहा गया, 'आतंकवाद का मुकाबला करने में पाकिस्तान की सफलताओं और बलिदानों को अमेरिका सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने व्यापक रूप से स्वीकार किया है. इस क्षेत्र के किसी भी देश ने शांति के लिए पाकिस्तान से ज्यादा बलिदान नहीं किया है.'

मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ भारत के आरोप वास्तव में अपने राज्य समर्थित आतंकवाद और जम्मू-कश्मीर के लोगों के खिलाफ क्रूर अत्याचारों को छिपाने का एक हताश प्रयास है.

विदेश मंत्रालय ने कहा, 'विश्व के जिम्मेदार देशों को भारत द्वारा आतंकवाद को देश की नीति के एक साधन के रूप में इस्तेमाल करने की निंदा करनी चाहिए.'

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि भारत का आतंकवाद नेटवर्क अन्य देशों की धरती का इस्तेमाल कर रहा है और संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी संगठनों का समर्थन कर रहा है. इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लेने में विफल होना अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी से पीछा छुड़ाने जैसा है.

बयान में कहा गया कि पाकिस्तान को उम्मीद है कि साझेदार देश इस तरह के एकतरफा, राजनीति से प्रेरित और जमीनी हकीकत के दूर बयानबाजी से बचेंगे.

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विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में ये भी कहा कि पाकिस्तान ने राजनयिक माध्यम से अमेरिका को अपनी चिंताओं के बारे में अवगत करा दिया है.

 

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