पाकिस्तान के पासपोर्ट में आज भी लिखा होता है कि यह पासपोर्ट इजरायल को छोड़कर सभी देशों के लिए वैध है. यह लाइन आमतौर पर पासपोर्ट की तीसरे पेज पर छपा होता है. यह पाकिस्तान की आधिकारिक नीति को दर्शाता है कि वह इजरायल को मान्यता नहीं देता और पाकिस्तानी नागरिक इस पासपोर्ट से इजरायल की यात्रा नहीं कर सकते.
लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष रूप से यही कहा है. ट्रंप ने कहा है कि पाकिस्तान अब्राहम अकॉर्ड में शामिल हो. अब्राहम अकॉर्ड में शामिल होने का मतलब है कि पाकिस्तान इजरायल को मान्यता दे. ट्रंप का ये ऑफर ऐसा है कि पाकिस्तान के राजनीतिक हलकों में चुप्पी छा गई है.
पाकिस्तान के फाइव स्टार जनरल आसिम मुनीर चुप हैं, तो पीएम शहबाज शरीफ भी मुंह चुरा रहे हैं. लेकिन जो काम आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ नहीं कर पा रहे हैं वो काम किया है पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने.
ख्वाजा आसिफ ने बिना लाग लपेट को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को जवाब देते हुए कहा है कि वे निजी तौर पर ऐसे किसी भी समझौते में शामिल होने के खिलाफ हैं जहां इजरायल को मान्यता मिलती हो.
उन्होंने एक टीवी प्रोग्राम पर कहा, "जाती तौर पर मेरा ख्याल है कि हमें किसी भी ऐसे अकॉर्ड में शामिल नहीं होना चाहिए जो हमारे बुनियादी नजरियात के साथ टकराव पैदा हो. मुझे लगता है कि इस बाबत हमारी ओर से कोई कोशिश नहीं की गई है."
उन्होंने कहा कि उनलोगों के साथ किस तरह बैठेंगे जिन्हें एक दिन भी यकीन नहीं किया जा सकता है. हमारा स्पष्ट मानना है कि ये चीज हमें स्वीकार्य नहीं है. हमारे पासपोर्ट में तो इजरायल का नाम भी शामिल नहीं है.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ पाकिस्तान की राजनीति के बयान बहादुर माने जाते हैं. एक अलग डिबेट के दौरान उन्होंने कहा है कि हम पाकिस्तानी मुसलमान अपने हिंदू पूर्वजों से नफरत करते हैं. पाकिस्तान के आधे लोग झूठा दावा करते हैं कि उनके पूर्वज सऊदी अरब या ईरान से आए थे.उन्होंने आगे कहा, "मेरे पूर्वज हिंदू थे. क्या इससे मैं कम पाकिस्तानी हो जाता हूं?"
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ख्वाजा आसिफ अब्राहम अकॉर्ड को स्वीकार नहीं करते हैं लेकिन दूसरी ओर विदेश मंत्रालय कह रहा है कि तीन महान धर्मों के सह अस्तित्व को कबूल किया जा सकता है.
वो हलाक हो जाएगा, बर्बाद हो जाएगा: Let
पाकिस्तान के इस दोगले चरित्र को लेकर इस्लामाबाद से लेकर वाशिंगटन तक बौखलाहट है. आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने पाकिस्तानी हुकूमत को ही धमकी दे डाली है. उन्होंने कहा है कि, "वो कहते हैं इजराइल यहूदी यहूदियों को कबूल कर लो, इजराइली, यहूदी कबूल नहीं, वो हुक्मरान हो, वो बादशाह हो, वो जो भी हो, जो भी इजराइल को कबूल करेगा वो हलाक हो जाएगा, तबाह हो जाएगा, बर्बाद हो जाएगा. "
वहीं ट्रंप के करीबी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने खुलेआम पाकिस्तान की क्लास लगाई है. एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि 'उन्हें पहले से लग रहा था कि पाकिस्तान गडबड है, और इजरायल से उसकी दुश्मनी है. पाकिस्तान में ईरानी विमान छिपाये जा रहे हैं. उसका रक्षा मंत्री इजरायल विरोधी बयान दे रहा है. तो पाकिस्तान क्लियर करे कि ट्रंप की अब्राहम अकॉर्ड वाली अपील पर उसका क्या कहना है.'
अब्राहम अकॉर्ड पर राष्ट्रपति ट्रंप की अगली प्रतिक्रिया का इंतजार है तब देखना होगा कि ईरान वॉर में कूटनीति का कथित मास्टरस्ट्रोक चलने वाला पाकिस्तान अपने आकाओं को क्या जवाब देता है.
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