कनाडा के ब्रैम्पटन में खालिस्तानियों ने हिंदू मंदिर को बनाया निशाना, श्रद्धालुओं से की मारपीट- VIDEO

कनाडा में 2022 के बाद से लगभग 20 से अधिक हिंदू मंदिरों को इसी तरह से निशाना बनाया गया है. कनाडा की लॉ एंफोर्समेंट एजेंसियां अभी तक इन घटनाओं के पीछे के लोगों की पहचान नहीं कर सकी हैं.

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कनाडा के ब्रैम्पटन में खालिस्तानियों ने हिंदू सभा मंदिर पर हमला किया. (Photo: Aajtak) कनाडा के ब्रैम्पटन में खालिस्तानियों ने हिंदू सभा मंदिर पर हमला किया. (Photo: Aajtak)

गीता मोहन

  • ब्रैम्पटन,
  • 04 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 5:03 AM IST

कनाडा में एक बार फिर खालिस्तानियों द्वारा एक हिंदू मंदिर और वहां मौजूद श्रद्धालुओं पर हमला किया गया है. ब्रैम्पटन के हिंदू सभा मंदिर में श्रद्धालुओं पर खालिस्तानियों ने हमला किया. इस पूरी वारदात का एक वीडियो हिंदू फोरम कनाडा ने अपने X हैंडल पर शेयर किया है, जिसमें खालिस्तानी हाथों में पीले झंडे लेकर मंदिर परिसर में हंगामा करते हुए दिख रहे हैं. कुछ खालिस्तानी हिंदू श्रद्धालुओं पर डंडे से हमला करते हुए इस वीडियो में देखे जा सकते हैं.

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हिंदू फोरम कनाडा ने X पर यह वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, 'बहुत परेशान करने वाली तस्वीरें. खालिस्तानियों ने ब्रैम्पटन के हिंदू सभा मंदिर में श्रद्धालुओं पर हमला किया है. यह अस्वीकार्य है.' एचएफसी ने अपने इस पोस्ट में ब्रैम्पटन के मेयर पैट्रिक ब्राउन, स्थानीय पुलिस, ओंटारियो केप्रीमियर डग फोर्ड और प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को टैग भी किया. बता दें कि भारत लगातार ट्रूडो प्रशासन के दौरान कनाडा में खालिस्तानियों को मिल रहे पराश्रय का मुद्दा उठाता रहा है.

 

भारतीय मूल के कनाडाई सांसद चंद्र आर्य ने ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर पर हुए हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा, 'कनाडा में खालिस्तानी चरमपंथियों ने हद पार कर दी. ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर के परिसर के अंदर हिंदू-कनाडाई भक्तों पर खालिस्तानियों द्वारा किया गया हमला दिखाता है कि कनाडा में खालिस्तानी हिंसक उग्रवाद कितना गहरा और निर्लज्ज हो गया है. मुझे लगने लगा है कि इन रिपोर्टों में थोड़ी सी सच्चाई है कि कनाडा के राजनीतिक तंत्र के अलावा, खालिस्तानियों ने हमारी लॉ एंफोर्समेंट एजेंसियों में भी प्रभावी ढंग से घुसपैठ कर ली है. इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर खालिस्तानी चरमपंथियों को कनाडा में खुली छूट मिल रही है. जैसा कि मैं लंबे समय से कहता रहा हूं, हमारे समुदाय की सुरक्षा के लिए हिंदू-कनाडाई लोगों को आगे आकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़नी होगी और राजनेताओं को जवाबदेह बनाना होगा.'

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कनाडा की संसद में नेता प्रतिपक्ष पियरे पोइलिवरे ने भी इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. उन्होंने पर पोस्ट किया, 'ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में पूजा करने वालों को निशाना बनाकर की गई हिंसा पूरी तरह से अस्वीकार्य है. सभी कनाडाई नागरिकों को शांति पूर्वक अपनी आस्था और धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए. कंजर्वेटिव पार्टी इस हिंसा की स्पष्ट रूप से निंदा करती है. मैं इस अराजकता के खिलाफ लोगों को एकजुट करूंगा और इसे खत्म करूंगा.'

 

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पर एक पोस्ट में लिखा, 'ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में हुई हिंसा की घटनाएं अस्वीकार्य हैं. प्रत्येक कनाडाई को अपने धर्म और आस्था का स्वतंत्र रूप से और सुरक्षित रूप से पालन करने का अधिकार है. घटनास्थल पर लोगों की सुरक्षा और इस वारदात की जांच के लिए त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए मैं पील रीजनल पुलिस का धन्यवाद करता हूं.' 

यह पहला वाकया नहीं है जब खालिस्तानियों ने कनाडा में हिंदुओं और उनके मंदिरों को निशाना बनाया हो. इससे पहले जुलाई में कनाडा के अल्बर्टा प्रोविंस में एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की गई थी और उसकी दीवारों पर हिंदू विरोधी नारे और चित्र उकेरे गए थे. 23 जुलाई, 2024 की सुबह एडमॉन्टन में बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर का बाहरी हिस्सा कलर स्प्रे से हिंदू विरोधी चित्रों और नारों से रंगा हुआ पाया गया था. 

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मंदिर प्रबंधन ने एडमॉन्टन पुलिस को इस घटना के बारे में सूचित किया. मंदिर की दीवारों पर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय-कनाडाई सांसद चंद्र आर्य को निशाना बनाते हुए 'हिंदू आतंकवादी' शब्द लिखे गए थे. सितंबर 2022 के बाद से यह चौथी बार था, जब कनाडा में किसी BAPS मंदिर को निशाना बनाया गया. इससे पहले टोरंटो में बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर को सितंबर 2022 में खालिस्तान समर्थक चित्रों और नारों से रंग दिया गया था.

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पिछले साल अप्रैल में, ओंटारियो के विंडसर शहर में बीएपीएस मंदिर को इसी तरह निशाना बनाया गया था, इसके बाद अगस्त 2023 में मेट्रो वैंकूवर क्षेत्र में बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था मंदिर को निशाना बनाया गया था. कुल मिलाकर, 2022 के बाद से कनाडा में लगभग 20 से अधिक हिंदू मंदिरों को इसी तरह से निशाना बनाया गया है. कनाडा की लॉ एंफोर्समेंट एजेंसियां अभी तक इन घटनाओं के पीछे के लोगों की पहचान नहीं कर सकी हैं.

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