दक्षिण लेबनान में एक आईडीएफ सैनिक ने ईसा मसीह की प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ की थी. इसे लेकर अब इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार की प्रतिक्रिया सामने आई थी. गिदोन ने इस घटना को 'शर्मनाक' बताते हुए ईसाई समुदाय से माफी मांगी है.
दरअसल पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें एक इजरायली सैनिक हथौड़े से ईसा मसीह की मूर्ति को तोड़ते हुए नजर आ रहा था. इस फोटो को एक लेबनानी पत्रकार ने शेयर किया था जिसकी बाद में IDF ने भी पुष्टि की थी.
विदेश मंत्री गिदोन सार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि इस तरह की चीजें इजरायल के मूल्यों के खिलाफ है. उन्होंने विश्वास दिलाया कि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
'सभी ईसाइयों से माफी मांगते हैं...'
गिदोन ने लिखा, 'दक्षिण लेबनान में एक आईडीएफ सैनिक के ईसाई धार्मिक प्रतीक को नुकसान पहुंचाना गंभीर और अपमानजनक है. मैं आईडीएफ के बयान में इस घटना की निंदा करने और मामले की जांच करने की सराहना करता हूं.'
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विदेश मंत्री ने आगे कहा, 'ये शर्मनाक कार्रवाई पूरी तरह से हमारे मूल्यों के खिलाफ है. इजरायल एक ऐसा देश है जो अलग-अलग धर्मों और उनके पवित्र प्रतीकों का सम्मान करता है और धर्मों के बीच सम्मान को बनाए रखता है. हम इस घटना के लिए और उन सभी ईसाइयों से माफी मांगते हैं जिनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है.'
बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में एक इजरायली सैनिक को ईसा मसीह की मूर्ति पर हथौड़े से वार करते देखा जा रहा है. इजरायली सेना ने इस फोटो के असली होने की बात कबूल की है और माफी मांगते हुए वादा किया है कि वो मूर्ति को ठीक कराने में सहयोग करेगा.
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