ईरान की राजधानी तेहरान की सड़कों पर दिवंगत सर्वोच्च नेता को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़े जनसैलाब की तस्वीरें सभी ने देखी. अब यहां जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है. ईरानी अधिकारियों ने इस अंतिम संस्कार को देश के इतिहास का सबसे बड़ा राजकीय अंतिम संस्कार बताया था. अब बाजार फिर से खुल चुके हैं, सड़कों पर यातायात सामान्य हो गया है, कई पाबंदियां हटा ली गई हैं और लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में लौट रहे हैं, हालांकि देश में अब भी क्षेत्रीय तनाव छाया हुआ है.
आज तक की इस विशेष ग्राउंड रिपोर्ट में उस तेहरान की तस्वीर सामने आई है, जो शोक की स्थिति से निकलकर सामान्य जीवन की ओर बढ़ रही है. यह बदलाव एक सप्ताह तक चले अंतिम संस्कार कार्यक्रमों के बाद देखने को मिला है. रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को हुए एक हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी.
हालांकि, अंतिम संस्कार समारोह में भारी भीड़ उमड़ी थी और तेहरान राष्ट्रीय शोक का केंद्र बन गया था लेकिन अब राजधानी का माहौल काफी हद तक सामान्य दिखाई देने लगा है. शोक अवधि के दौरान शहर की सड़कों पर छाए काले कपड़ों का सैलाब लगभग गायब हो चुका है. अब लोग सामान्य कपड़ों में काम पर जाते, खरीदारी करते और सार्वजनिक स्थानों पर एक-दूसरे से मिलते-जुलते दिखाई दे रहे हैं. शहर की रफ्तार धीरे-धीरे अपने पुराने स्वरूप में लौट रही है.
अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा कारणों से लगाई गई लॉकडाउन जैसी पाबंदियां भी हटा ली गई हैं. इसके बाद व्यापारिक गतिविधियां और सार्वजनिक जीवन फिर से पटरी पर लौट आए हैं. आयतुल्ला खामेनेई की अंतिम यात्रा केवल तेहरान तक सीमित नहीं रही. उनके पार्थिव शरीर को पहले पवित्र शहर कोम ले जाया गया, उसके बाद इराक और फिर मशहद ले जाकर राजकीय स्तर पर अंतिम विदाई दी गई.
इन सभी समारोहों के समाप्त होने के बाद अब तेहरान में पहले जैसी भारी भीड़ दिखाई नहीं देती. हालांकि, सतह पर सामान्य स्थिति लौटती नजर आ रही है, लेकिन इसके पीछे सतर्कता का माहौल साफ महसूस किया जा सकता है. अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव को देखते हुए पूरे तेहरान में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि भले ही रोजमर्रा की जिंदगी सामान्य हो गई हो, लेकिन क्षेत्र में किसी भी समय नए घटनाक्रम सामने आ सकते हैं इसीलिए लोगों के मन में अनिश्चितता और सावधानी दोनों बनी हुई हैं. क्षेत्रीय हालात अभी भी अस्थिर बने हुए हैं. इजरायल ने लेबनान में अपने सैन्य अभियान जारी रखे हैं, जबकि ईरान से जुड़े सीमापार तनाव भी लगातार अनिश्चितता बढ़ा रहे हैं. ऐसे में तेहरान की सड़कों पर सामान्य चहल-पहल लौटने के बावजूद सरकारी एजेंसियां किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह चौकन्नी हैं.
इस अनिश्चित माहौल को और बढ़ाने वाली खबरें भी सामने आई हैं. रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने क्षेत्र में समुद्री लक्ष्यों को निशाना बनाना जारी रखा है. होर्मुज में दो तेल टैंकरों पर मिसाइल हमले हुए, जिनमें से एक को भारी नुकसान पहुंचा. फिलहाल तेहरान में सबसे प्रमुख भावना सतर्क सामान्य स्थिति की है. भीड़ छंट चुकी है, दुकानें दोबारा खुल गई हैं और लोगों की जिंदगी फिर से अपनी सामान्य रफ्तार पकड़ रही है लेकिन इसके साथ ही यह अहसास भी बना हुआ है कि ईरान से जुड़ा व्यापक भू-राजनीतिक संकट अभी समाप्त नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में हालात फिर बदल सकते हैं.
सुमित चौधरी