मिसाइलें तबाह या अब भी खतरनाक? ईरान की सैन्य ताकत को लेकर अमेरिका भी कंफ्यूज

अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) का दावा है कि ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइलें प्रभावहीन हो चुकी हैं. लेकिन अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का मानना है कि ईरान के पास अभी भी हजारों बैलिस्टिक मिसाइलें मौजूद हैं और वो भूमिगत स्टोरेज से उन्हें दोबारा सक्रिय कर सकते हैं.

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ईरानी सेना मिडिल-ईस्ट में अब भी ताकतवर है. (Photo: ITGD) ईरानी सेना मिडिल-ईस्ट में अब भी ताकतवर है. (Photo: ITGD)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:38 PM IST

ईरान की सैन्य क्षमता को लेकर अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) और इंटेलिजेंस रिपोर्टों में भारी फर्क देखने को मिल रहा है. अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का मानना है कि ईरान के पास अब भी हजारों बैलिस्टिक मिसाइलें बची हुई हैं. जबकि पेंटागन का दावा है कि ईरान के लॉन्चर और मिसाइलें पूरी तरह से बेअसर हो चुके हैं.

वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान बैलिस्टिक मिसाइलों को अपने अंडरग्राउंड स्टोरेज क्षेत्रोंसे लॉन्चरों को बाहर निकाल कर फिर से इस्तेमाल कर सकता है.

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हाल ही में अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बताया था कि ईरान के मिसाइल कार्यक्रम 'प्रकार्यात्मक रूप से तबाह' (Functionally destroyed) हो चुका है. उन्होंने दावा किया था कि ये लॉन्चर और मिसाइलें अब प्रभावी नहीं रही हैं.

अमेरिकी खुफिया की रिपोर्ट कहती है कि भले ही ईरान के आधे से ज्यादा मिसाइल लॉन्चर तबाह हो गए हैं या मलबे के नीचे दब गए हैं, लेकिन कई लॉन्चरों की मरम्मत की जा सकती है. यहां तक कि उन्हें भूमिगत परिसरों से खोदकर निकाला भी जा सकता है.

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ईरान के पास अब भी हजारों मिसाइलें!

अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों का कहना है कि जंग के दौरान ईरान की मिसाइलें लगभग आधी हो गई है. इसके बावजूद, उसके पास अब भी हजारों मध्यम और कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें बची हैं. वहीं, ईरान ने युद्ध में बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया और मिसाइल प्रोडक्शन के ठिकानों पर अमेरिका ने हमले भी किए.

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इसकी वजह से अब ईरान के पास युद्ध की शुरुआत के मुकाबले में अब 50% से भी कम 'वन-वे अटैक ड्रोन' बचे हैं. हालांकि, ईरान रूस जैसे देशों से ऐसे सिस्टम दोबारा हासिल कर सकता है.

मिडिल-ईस्ट में अब भी ताकतवर है ईरानी सेना!

खुफिया रिपोर्टों की मानें तो ईरान के पास क्रूज मिसाइलों का एक छोटा भंडार भी मौजूद है. अगर शांति वार्ता कामयाब नहीं होती है, तो इनका इस्तेमाल फारस की खाड़ी में जहाजों या अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है.

CIA के पूर्व विश्लेषक केनेथ पोलाक ने कहा, 'ईरानी अपनी सेना को तेजी से दोबारा बनाने की अद्भुत क्षमता रखते हैं. वो इजरायल को छोड़कर मिडिल-ईस्ट की किसी भी दूसरी सेना के मुकाबले में बहुत ज्यादा मजबूत प्रतिद्वंद्वी हैं.'

इजरायल का दावा- ईरान के पास 1,000 से ज्यादा मिसाइलें बाकी

इजरायली अधिकारियों का मानना है कि युद्ध के दौरान ईरान के लगभग दो-तिहाई बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर तबाह हो गए हैं. इजरायल दावा करता है कि ईरान के पास शुरुआत में करीब 2,500 मध्यम दूरी की मिसाइलें थीं, जिनमें से अब भी 1,000 से ज्यादा ही बची हो सकती हैं.

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अमेरिकी जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन के मुताबिक, अमेरिकी हमलों से ईरान का रक्षा औद्योगिक आधार तबाह हो गया है. उन्होंने बताया कि अमेरिका ने मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों पर 13,000 से ज्यादा युद्धक सामग्री (Munitions) गिराई है ताकि ईरान अपनी शक्ति का प्रदर्शन दोबारा न कर सके.
 

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