होर्मुज में बीते 24 घंटों के भीतर तीसरे कमर्शियल तेल टैंकर पर हमला हुआ है. इस घटना ने दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में से एक की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं. यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब अंतरिम एमओयू के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है.
ताजा मामले में एक कमर्शियल टैंकर अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आ गया. यह जानकारी क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों की निगरानी करने वाली ब्रिटेन की एक नौसैनिक एजेंसी यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने दी. एजेंसी के अनुसार, इस हमले में किसी के हताहत होने या तेल रिसाव की तत्काल कोई सूचना नहीं मिली है लेकिन इस घटना ने यह आशंका और गहरा दी है कि होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाज एक बार फिर निशाने पर आ रहे हैं.
इससे पहले मंगलवार को भी दो अलग-अलग हमलों की खबरें सामने आई थीं. इनमें कतर के एक जहाज पर हमला हुआ और सऊदी अरब के ध्वज वाले एक कच्चे तेल के टैंकर को नुकसान पहुंचने की घटनाएं शामिल थीं.
होर्मुज में तीसरे टैंकर पर हमला
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में यूकेएमटीओ ने कहा कि एक नया टैंकर अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आने से उसके ढांचे को नुकसान पहुंचा है. एजेंसी ने कहा कि टैंकर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से प्रभावित हुआ है और माना जा रहा है कि उसे संरचनात्मक क्षति पहुंची है. अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और ना ही तत्काल तेल रिसाव या पर्यावरण प्रदूषण के संकेत मिले हैं.
यूकेएमटीओ ने बताया कि मामले की जांच जारी है. एजेंसी ने होर्मुज से गुजरने वाले सभी जहाजों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सलाह दी है. फिलहाल किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.
कतर ने ईरान पर लगाया हमला करने का आरोप
यह घटना उस समय हुई है, जब कुछ घंटे पहले ही कतर ने ईरान पर अपने एलएनजी जहाज Al Rekayyat पर हमला करने का आरोप लगाया था. यह जहाज रात के समय होर्मुज से गुजर रहा था. रॉयटर्स के अनुसार, जहाज पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे इंजन कक्ष में आग लग गई. हालांकि चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित बाहर निकल गए और उन्हें निकालने का अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया, लेकिन समुद्री सुरक्षा अधिकारियों ने चेतावनी दी कि जहाज में तरलीकृत प्राकृतिक गैस होने के कारण आग से बड़े विस्फोट का गंभीर खतरा पैदा हो गया था.
रॉयटर्स द्वारा प्राप्त रेडियो संदेश में जहाज के कप्तान ने तत्काल मदद की गुहार लगाई. उन्होंने कहा कि मे-डे, मे-डे, मे-डे. यह एलएनजी जहाज अल रेकय्यात है. हमारे जहाज के बाईं ओर इंजन कक्ष के ऊपर ड्रोन हमला हुआ है. उन्होंने आगे कहा कि इंजन कक्ष में आग लगी हुई है और धुआं भर गया है. फिलहाल नुकसान का पूरा आकलन करना संभव नहीं है. इस घटना के बाद कतर ने ईरान की कड़ी निंदा की. कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने इस हमले को वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा पर सीधा हमला बताया.
उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री नौवहन और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा पर अस्वीकार्य हमला है और अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन है. अल अंसारी ने ईरान से क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली सभी गतिविधियां तुरंत बंद करने की मांग की. उन्होंने कहा कि दोहा इस हमले और इसके सभी संभावित परिणामों के लिए ईरान को पूरी तरह कानूनी रूप से जिम्मेदार मानता है.
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