फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के 16 शहरों में होने जा रहा है. दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट को अपने शहर में देखने का सपना लाखों लोगों का है, लेकिन टिकटों की कीमतें बताती हैं कि हर मेजबान शहर में यह सपना समान रूप से सुलभ नहीं है. बढ़ती टिकट कीमतों और फीफा की डायनामिक प्राइसिंग नीति के कारण कई जगहों पर स्थानीय लोगों के लिए मैच देखना महंगा साबित हो सकता है.
सबसे महंगा: ग्वाडालाजारा और मेक्सिको सिटी
किफायत के मामले में सबसे बड़ी चुनौती मैक्सिको के शहरों में दिखाई देती है. ग्वाडालाजारा में औसत न्यूनतम टिकट कीमत 1,139 अमेरिकी डॉलर है, जो स्थानीय लोगों की औसत आय का लगभग 25.1 प्रतिशत बैठती है यानी एक मैच देखने के लिए कई लोगों को अपनी एक महीने की कमाई का बड़ा हिस्सा खर्च करना पड़ सकता है.
मेक्सिको सिटी की स्थिति भी लगभग ऐसी ही है. यहां टिकट की औसत कीमत 1,396 डॉलर तक पहुंच रही है, जो औसत आय का 22.5 प्रतिशत है. इस वजह से विश्व कप का रोमांच हर स्थानीय प्रशंसक की पहुंच में नहीं होगा.
मॉन्टेरी ने दी कुछ राहत
मैक्सिको के ही मॉन्टेरी में तस्वीर थोड़ी बेहतर है. यहां औसत टिकट कीमत 394 डॉलर है, जो स्थानीय आय का लगभग 6.9 प्रतिशत है. हालांकि यह भी कम नहीं है, लेकिन ग्वाडालाजारा और मेक्सिको सिटी की तुलना में कहीं अधिक किफायती माना जा सकता है.
| शहर | देश | औसत न्यूनतम टिकट कीमत (US$) | स्थानीय लोगों की टिकट पर खर्च होने वाली औसत आय |
|---|---|---|---|
| मेक्सिको सिटी | मैक्सिको | $1,396 (₹133065) | 25.1% |
| मियामी | अमेरिका | $1,156 (110189) | 22.5% |
| ग्वाडालाजारा | मैक्सिको | $1,139 (₹108568) | 6.9% |
| न्यूयॉर्क/न्यू जर्सी | अमेरिका | $854 (₹81402) | 1.9% |
| डलास | अमेरिका | $800 (₹76255) | 1.8% |
| बोस्टन | अमेरिका | $598 (₹57000) | 1.3% |
| ह्यूस्टन | अमेरिका | $568 (₹54141) | 1.3% |
| टोरंटो | कनाडा | $551 (₹52520) | 1.2% |
| फिलाडेल्फिया | अमेरिका | $551 (₹52520) | 0.9% |
| लॉस एंजिल्स | अमेरिका | $510 (₹48612) | 0.9% |
| सिएटल | अमेरिका | $469 (₹44704) | 0.8% |
| कैनसस सिटी | अमेरिका | $426 (₹40606) | 0.7% |
| वैंकूवर | कनाडा | $399 (₹38032) | 0.7% |
| मॉन्टेरी | मैक्सिको | $394 (₹37555) | 0.6% |
| अटलांटा | अमेरिका | $346 (₹32980) | 0.6% |
| सैन फ्रांसिस्को (बे एरिया) | अमेरिका | $292 (₹27833) | 0.4% |
नोट: आंकड़े अनुमानित हैं और विभिन्न स्त्रोतों (TicketData, OECD आदि) पर आधारित हैं.
कनाडा में टोरंटो और वैंकूवर की तस्वीर
कनाडा के दो मेजबान शहरों में टोरंटो अपेक्षाकृत महंगा साबित हो रहा है. यहां औसत न्यूनतम टिकट कीमत 551 डॉलर है, जो स्थानीय आय का 1.9 प्रतिशत है. इसी कारण टोरंटो सबसे कम किफायती मेजबान शहरों की सूची में चौथे स्थान पर आता है.
वहीं वैंकूवर में औसत टिकट कीमत 399 डॉलर है और यह स्थानीय आय का लगभग 1.3 प्रतिशत है इसलिए वैंकूवर में मैच देखना टोरंटो की तुलना में आसान माना जा रहा है.
हालांकि कनाडाई प्रशंसकों के बीच टिकट कीमतों को लेकर असंतोष भी देखने को मिला है. सोशल मीडिया और फैन समुदायों में कई लोगों ने शिकायत की है कि डायनामिक प्राइसिंग के कारण टिकट लगातार महंगे होते गए.
अमेरिकी शहरों में सबसे ज्यादा राहत
अमेरिका के अधिकांश मेजबान शहरों में स्थानीय आय अधिक होने की वजह से टिकटों का बोझ अपेक्षाकृत कम है.
सबसे किफायती शहर सैन फ्रांसिस्को है, जहां औसत न्यूनतम टिकट कीमत 292 डॉलर है और यह स्थानीय आय का सिर्फ 0.4 प्रतिशत हिस्सा है.
फाइनल मैच की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
सबसे ज्यादा चर्चा फाइनल मुकाबले की टिकट कीमतों को लेकर हो रही है. न्यू जर्सी में होने वाले फाइनल के लिए दिसंबर में श्रेणी-4 की सबसे सस्ती सीट 2,030 अमेरिकी डॉलर में उपलब्ध कराई गई थी. यह 2022 विश्व कप की समान श्रेणी की सीट की तुलना में कई गुना अधिक है.
फीफा ने बाद में कुछ टिकट श्रेणियों की कीमतें और बढ़ा दीं. श्रेणी-1 के टिकटों की अधिकतम कीमत 8,680 डॉलर से बढ़ाकर 10,990 डॉलर कर दी गई. रीसेल मार्केट में फाइनल के कुछ टिकट 8,000 डॉलर से भी अधिक कीमत पर बिक रहे हैं.
टिकटों पर क्यों मचा है विवाद?
फीफा ने पहली बार बड़े पैमाने पर डायनामिक प्राइसिंग अपनाई है, जिसके तहत मांग बढ़ने पर टिकटों की कीमत भी बढ़ जाती है. इसी वजह से 2026 विश्व कप को इतिहास का सबसे महंगा विश्व कप कहा जा रहा है. कुछ मैचों के टिकट 60 डॉलर से शुरू होते हैं, जबकि फाइनल के टिकट हजारों डॉलर तक पहुंच चुके हैं.
न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी में तो टिकट कीमतों और बिक्री प्रक्रिया को लेकर जांच भी शुरू की गई है. अधिकारियों का आरोप है कि अत्यधिक कीमतों और अपारदर्शी मूल्य निर्धारण से आम प्रशंसकों की पहुंच प्रभावित हुई है.
विश्लेषकों का अनुमान है कि रिकॉर्ड टिकट कीमतों और विशाल दर्शक मांग की बदौलत फीफा को इस टूर्नामेंट से लगभग 15 अरब अमेरिकी डॉलर तक की कमाई हो सकती है.
हुमरा असद