चीन के चौथे एयरक्राफ्ट कैरियर ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन, नौसेना ने जारी किया वीडियो

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नौसेना ने अपनी 77वीं वर्षगांठ पर एक वीडियो जारी कर अपने चौथे एयरक्राफ्ट कैरियर के संकेत दिए हैं. 'हे जियान' नाम के इस संभावित जहाज को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि ये परमाणु ऊर्जा से लैस होगा, जो सीधे तौर पर अमेरिकी नौसेना के प्रभुत्व को चुनौती दे सकता है.

Advertisement
चीन ने बनाया चौथा एयरक्राफ्ट कैरियर? (photo: ITG) चीन ने बनाया चौथा एयरक्राफ्ट कैरियर? (photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:42 AM IST

चीनी नौसेना ने अपनी 77वीं वर्षगांठ के मौके पर 'इंटू द डीप' नामक एक वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में नौसेना के तटीय रक्षा से गहरे समुद्र (ब्लू-वॉटर) ऑपरेशंस की ओर बढ़ते ट्रांजिशन को दिखाया गया है. वीडियो में तीन मौजूदा विमानवाहक पोतों- लियाओनिंग, शेडोंग और फुजियान के नाम पर अधिकारियों की पीढ़ियों को एक कंपास सौंपते हुए दिखाया गया है. इसमें चौथे जहाज का नाम 'हे जियान' होने का संकेत मिला है जो चीनी भाषा में परमाणु शब्द से मिलता-जुलता है.

चीन ने आधिकारिक तौर पर निर्माण की पुष्टि नहीं की है, लेकिन डालियान शिपयार्ड की सैटेलाइट तस्वीरों में एक विशाल जहाज बनता दिख रहा है. ये जहाज आकार में अमेरिका के परमाणु ऊर्जा संचालित जेराल्ड आर. फोर्ड श्रेणी के जहाजों के समान होने का अनुमान है.

हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, फरवरी में ली गई तस्वीरों में जहाज पर परमाणु रिएक्टर रोकथाम वाहिकाओं जैसी संरचनाएं देखी गई हैं. वीडियो में इस्तेमाल किया गया 'हे' शब्द परमाणु के लिए इस्तेमाल होने वाले चीनी शब्द जैसा सुनाई देता है. यदि ये सच होता है तो ये चीन का पहला परमाणु संचालित विमानवाहक पोत होगा. वर्तमान में चीन के पास तीन कैरियर हैं, लेकिन वे सभी पारंपरिक ईंधन से चलते हैं.

पिछले नवंबर में चीन ने अपने तीसरे और सबसे आधुनिक कैरियर 'फुजियान' को कमीशन किया था. 80,000 टन वजनी यह जहाज इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापुल (EMALS) तकनीक से लैस है जो अब तक केवल अमेरिकी नौसेना के पास थी. चीन के पास अब 234 युद्धपोतों का बेड़ा है जो संख्या के मामले में अमेरिका के 219 जहाजों से अधिक है. हालांकि, अमेरिका के पास अभी-भी 11 परमाणु संचालित एयरक्राफ्ट कैरियर मौजूद हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन अपने एयरक्राफ्ट कैरियर का विस्तार अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव और वैश्विक समुद्री मार्गों पर नियंत्रण के लिए कर रहा है. फुजियान के संचालन के बाद चीन हिंद महासागर और अरब सागर में अपनी तैनाती बढ़ा सकता है. जिबूती, ग्वादर और हंबनटोटा जैसे ठिकानों के माध्यम से चीन भारत के 'बैकयार्ड' में सक्रिय है. भारतीय नौसेना भी आईएनएस विक्रांत और विक्रमादित्य के साथ अपनी पकड़ मजबूत कर रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »