चीन की धमकी- पहले सेना हटाए भारत, पंचशील समझौते के उल्लंघन का लगाया आरोप

चीन के विदेश मंत्री की ओर से कहा गया कि भारत ने पंचशील समझौते की नींव रखी थी और अब भारत ने ही इसे तोड़ दिया है. सिक्किम बॉर्डर पर काफी दिनों से भारत औऱ चीन के बीच सीमा विवाद चल रहा है.

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चीन के विदेश मंत्रालय ने दिया बयान चीन के विदेश मंत्रालय ने दिया बयान

अनुग्रह मिश्रा

  • बीजिंग,
  • 05 जुलाई 2017,
  • अपडेटेड 2:48 PM IST

भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव के बाद अब चीन ने भारत पर पंचशील से समझौता को तोड़ने का आरोप लगाया है. चीन के विदेश मंत्री की ओर से कहा गया कि भारत ने पंचशील समझौते की नींव रखी थी और अब भारत ने ही इसे तोड़ दिया है. सिक्किम बॉर्डर पर काफी दिनों से भारत औऱ चीन के बीच सीमा विवाद चल रहा है.

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बुधवार को चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि भारत को एक बार फिर से सबक सिखाने का समय आ गया है. इस बार भारत का 1962 से भी ज्यादा बुरा हाल किया जाएगा. बीते दिनों भारत रक्षा मंत्री अरुण जेटली के बयान के बाद चीनी अखबार की इतनी तीखी टिप्पणी देखने को मिली है. दरअसल, के बाद चीन ने भारत को 1962 की हार की याद दिलाई थी, जिसके जवाब में रक्षा मंत्री जेटली ने कहा था कि 1962 से अब के हालात अलग हैं. भारत को 1962 का देश समझने की भूल नहीं करनी चाहिए.

जेटली की बयान से बौखलाए चीनी अखबार ने कहा कि अगर भारत यह सोचता है कि वह डोंगलांग इलाके में सेना का इस्तेमाल कर सकता है और चीन और पाकिस्तान के खिलाफ एक साथ तो हमें भारत को यह बताना होगा कि वह चीनी सेना की ताकत को हल्के में ले रहा है. ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा कि जेटली ठीक कह रहे हैं कि 1962 और 2017 के भारत में काफी अंतर है, लेकिन अगर जंग हुई, तो भारत को ज्यादा नुकसान उठाना होगा.

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चीन का मानना है कि अगर डोंगलांग इलाके में तनाव खत्म करना है, तो भारतीय सेना को पीछे हटना होगा. वरना चीनी सैनिक कार्रवाई करेंगे. चीन उलटे ही भारतीय सेना पर घुसपैठ का आरोप लगा रहा है. चीनी अखबार की प्रतिक्रिया से एक बात तो साफ है कि चीन भारत के साथ जंग के मूड में है. अखबार ने कहा कि चीन डोकलम इलाके में सड़क निर्माण कर रहा है, जिसका विरोध करने के लिए भारत भूटान को उकसा रहा है.

 

 

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