आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी OpenAI ने चीन से जुड़े कुछ समूहों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ChatGPT बनाने वाली कंपनी का दावा है कि चीन आधारित कुछ तत्व अमेरिका में डेटा सेंटरों और अमेरिकी AI के खिलाफ माहौल बनाने के लिए गुप्त अभियान चला रहे हैं. OpenAI ने कहा कि उसने ऐसे कई संदिग्ध अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया है, जो सोशल मीडिया के जरिए अमेरिकी AI पॉवर को लेकर लोगों में अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहे थे.
OpenAI की तरफ से जारी एक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, इन अकाउंट्स का इस्तेमाल ऐसे पोस्ट, कमेंट्स और तस्वीरें शेयर के लिए किया गया जिनमें डेटा सेंटरों को बिजली की बढ़ती कीमतों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया. कंपनी ने बताया कि एक कॉमिक स्ट्रिप में एक अमीर कारोबारी को डॉलर के बैग पकड़े हुए दिखाया गया था, जबकि एक परिवार को अपने बिजली बिल को देखकर हैरान नजर होते दिखाया गया था.
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रिपोर्ट के मुताबिक, एक अन्य समूह ने ऐसा कंटेंट तैयार किया जिसमें अमेरिकी टैरिफ को चीन के खिलाफ टेक कंपटीशन पर कब्जा करने की रणनीति के रूप में पेश किया गया. दिलचस्प बात यह रही कि इन निर्देशों में साफ तौर पर कहा गया था कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का नाम नहीं लिया जाए.
OpenAI ने यह भी कहा कि उसे इस अभियान के किसी बड़े प्रभाव के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं. कंपनी के मुताबिक, यह अभियान अमेरिकी एआई को बदनाम करने की कोशिश के रूप में चलाया जा रहा था, लेकिन इससे पब्लिक ओप
OpenAI ने कहा कि विदेशी अभियान अक्सर स्थानीय मुद्दों और लोगों की वास्तविक चिंताओं का इस्तेमाल करके समाज में विभाजन और अविश्वास बढ़ाने की कोशिश करते हैं. इस मामले में भी ऑपरेटरों ने अमेरिका की AI नीति और भविष्य को लेकर चल रही बहस में खुद को छिपाकर शामिल होने की कोशिश की.
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वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसे इस रिपोर्ट की जानकारी नहीं है और आरोपों को बेबुनियाद करार दिया. दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि AI पूरी मानवता के लिए एक नया अवसर है.
इस बीच अमेरिका में डेटा सेंटरों के खिलाफ विरोध लगातार बढ़ रहा है. रिसर्च प्रोजेक्ट डेटा सेंटर वॉच के मुताबिक, मई 2024 से जून 2025 के बीच कम से कम 36 डेटा सेंटर परियोजनाएं विरोध के कारण रोक दी गईं या उनमें देरी हुई. मार्च में अमेरिकी सांसदों ने नए डेटा सेंटरों पर अस्थायी रोक लगाने का प्रस्ताव भी पेश किया था.
आजतक इंटरनेशनल डेस्क