रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को कहा कि आर्थिक आकार के मामले में ब्रिक्स (BRICS) ब्लॉक बहुत पहले ही जी-7 (G7) को पीछे छोड़ चुका है और आने वाले सालों में यह अंतर और बढ़ने वाला है.
सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) में बोलते हुए पुतिन ने कहा कि यह इस बात का संकेत है कि वैश्विक आर्थिक विकास का केंद्र धीरे-धीरे ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला टर्म) की ओर शिफ्ट हो रहा है. इस सत्र का संचालन इंडिया टुडे ग्रुप की ग्रुप एडिटर (विदेश मामलों) गीता मोहन ने किया.
ग्लोबल साउथ के देशों का जिक्र करते हुए पुतिन ने कहा कि बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में यह क्षेत्र सबसे अहम भूमिका में है. भारत, रूस, चीन जैसे विकासशील देशों के समूह ब्रिक्स के बारे में बात करते हुए रूसी राष्ट्रपति ने कहा, 'विकास के लिहाज से ब्रिक्स ने जी-7 को पीछे छोड़ दिया है.'
BRICS और जी-7 को लेकर और क्या बोले पुतिन
पुतिन ने कहा कि ब्रिक्स ब्लॉक की अर्थव्यवस्थाओं के बढ़ने की रफ्तार आगे भी जी-7 देशों की तुलना में काफी तेज रहने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक विकास का केंद्र धीरे-धीरे नए बाजारों की ओर शिफ्ट हो रहा है.
पुतिन ने अलग-अलग अनुमानों का हवाला देते हुए कहा कि जी-7 देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लगभग 1.1 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जबकि ब्रिक्स देशों की वार्षिक वृद्धि दर करीब 4 प्रतिशत रह सकती है. उन्होंने कहा कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स के बढ़ते प्रभाव को दिखाता है.
पुतिन ने यह भी कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच वार्षिक व्यापार 1 खरब डॉलर से अधिक हो चुका है.
ब्रिक्स के प्रति पुतिन का यह मजबूत समर्थन ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस ब्लॉक की लगातार आलोचना करते रहे हैं. ब्रिक्स में शुरुआत में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे. बाद में मिस्र, इथोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात भी इसमें शामिल हो गए.
पिछले साल ट्रंप ने ब्रिक्स को अमेरिकी डॉलर के लिए खतरा बताया था और समूह के देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी.
सेशन में और किन मुद्दों पर बोले पुतिन
इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में राष्ट्रपति पुतिन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, भू-राजनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की. पुतिन ने कहा कि यह फोरम ऐसे समय में स्पष्ट बातचीत के लिए आयोजित हो रहा है जब दुनिया बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है.
पुतिन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में चल रहे बदलाव उन देशों के लिए बड़े अवसर लेकर आए हैं जो बदलती दुनिया के हिसाब से खुद को ढालने के लिए तैयार हैं.
उन्होंने कहा कि ग्लोबल ऑर्डर का मौजूदा ढांचा बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. पुतिन के अनुसार, ग्लोबल इकोनॉमी अब अधिक संतुलित और निष्पक्ष बन रही है. उनके मुताबिक, ऐसी इकोनॉमी में नए आर्थिक केंद्र और बड़ी शक्तियां दुनिया के विकास में अहम भूमिका निभा रही हैं.
इस दौरान उन्होंने पश्चिम पर निशाना साधा और कहा कि 'यूरोपीय एलिट्स ने दुनियाभर में अव्यवस्था पैदा की है.'
व्लादिमीर पुतिन ने कहा, 'हम ये भी देख रहे हैं कि यूरोपीय नौकरशाही ऐसी नीतियां अपना रही है जिसे लेकर हमारा मानना है कि वो दूर की सोच नहीं है. लगातार आक्रामक होती बयानबाजी के साथ ये नीतियां वैश्विक अर्थव्यवस्था में यूरोप की स्थिति कमजोर कर रही हैं. हमारे विचार में ये नीतियां क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को भी कमजोर कर रही हैं.'
आजतक इंटरनेशनल डेस्क