उत्तरी आयरलैंड के बेलफास्ट में हमलावर को देखकर एक महिला ने हैरानी और डर से चिल्लाते हुए कहा, "वह उसका सिर काटने की कोशिश कर रहा है." हमलावर चाकू लहराते हुए लोगों को डरा रहा था और इशारा कर रहा था कि अगर किसी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उनका भी वही हाल होगा जो खून से लथपथ पीड़ित का हुआ था.
पुलिस को फोन करने वाली महिला ने कहा, "आपको बस यहां आना होगा, वह मर जाएगा." घर के बाहर चीख-पुकार और हंगामा सुनकर वह महिला बाहर भागी, लेकिन वहां का नजारा देखकर वह सन्न रह गई.
पीड़ित एक गोरा व्यक्ति है और अस्पताल में भर्ती है. उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है. उसकी जान इसलिए बच पाई क्योंकि कुछ राहगीरों ने हथियारबंद हमलावर का मुकाबला किया.
हमले के बाद मची अफरा-तफरी
सोमवार को हुए इस भयानक हमले के बाद यूके के बेलफास्ट की सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई. नकाबपोश दंगाइयों ने गाड़ियों पर कब्जा करके उनमें आग लगा दी, सड़कें जाम कर दीं और नस्लीय अल्पसंख्यकों के घरों पर हमले किए.
यह सब तब हुआ, जब हमलावर को डरे-सहमे राहगीरों के सामने सड़क के बीचों-बीच एक आदमी का सिर काटने की कोशिश करते देखा गया. उसकी पहचान बाद में शरणार्थी का दर्जा प्राप्त सूडानी नागरिक के तौर पर हुई.
बेलफास्ट के लिए हिंसा कोई नई बात नहीं है. 1960 और 1990 के दशक के बीच, लगभग 30 सालों तक यह शहर 'द ट्रबल्स' (हिंसक संघर्ष) का केंद्र रहा, जहां आयरिश राष्ट्रवादी और ब्रिटिश समर्थक गुटों के बीच बार-बार झड़पें हुईं और आम नागरिक व ब्रिटिश सेना इनके बीच फंसे रहे. तब से बेलफास्ट लगातार बदलता रहा है और एक शांतिपूर्ण, आधुनिक और जीवंत राजधानी के रूप में विकसित हुआ है.
हालांकि, सोमवार को हुई हत्या की बेरहम कोशिश और उसके बाद हुए बड़े पैमाने पर आप्रवासन-विरोधी विरोध प्रदर्शनों और हिंसक दंगों ने शहर की इस छवि को बुरी तरह प्रभावित किया है. यह घटना साउथैम्पटन के छात्र हेनरी नोवाक की हत्या के कुछ ही दिनों बाद हुई है, जिसे एक सिख हमलावर ने लंबी खंजर जैसी चीज से मार डाला था.
सूडानी शरणार्थी ने 40 साल के शख्स पर हमला किया
सिर काटने की यह कोशिश सोमवार को नॉर्थ बेलफास्ट के किनेर्ड एवेन्यू इलाके में एक फ्लैट ब्लॉक के बाहर हुई. हमलावर की पहचान 30 साल के सूडानी शरणार्थी के तौर पर हुई है, जिसे 2028 तक UK में रहने की इजाजत मिली हुई थी. उसे रसोई में इस्तेमाल होने वाले बड़े चाकू से 40 साल के शख्स पर बेरहमी से हमला करते हुए देखा गया.
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह व्यक्ति शरण के लिए आवेदन करने से पहले 2023 में पेरिस और डबलिन के रास्ते UK आया था.
जान बचाने की संघर्ष कर रहे पीड़ित की पहचान स्थानीय लोगों ने स्टीफन ओगिल्वी के तौर पर की है. स्टीफन के एक पड़ोसी ने UK के न्यूज़ आउटलेट 'द सन' को बताया, "वह यहां करीब डेढ़ साल से रह रहा था और थोड़ी परेशानी भी पैदा करता था, लेकिन उसके साथ जो हुआ वह बेहद भयानक है और मैं कभी नहीं चाहूंगा कि किसी के साथ ऐसा हो."
बाद में सोशल मीडिया पर सामने आए घटना के वीडियो में चाकू लिए हमलावर स्टीफन की पीठ पर बार-बार चाकू मारता हुआ दिखा. जब स्टीफन जमीन पर गिर गए, तो हमलावर उन पर कूद पड़ा और उनकी छाती पर बैठ गया.
जब उसने स्टीफन का गला काटना शुरू किया, तो आस-पास के लोगों ने उसे हटने के लिए चिल्लाकर कहा, लेकिन उसने चाकू लहराकर उन्हें दूर रहने की चेतावनी दी. एक हैरान महिला को यह कहते हुए सुना गया, "वह उसका सिर काटने की कोशिश कर रहा है."
'द सन' की रिपोर्ट के मुताबिक, चश्मदीदों ने बताया कि हमलावर शांत दिख रहा था और यहां तक कि अपने होंठों से खून भी चाट रहा था.
आस-पास के लोगों ने क्या किया?
जैसे ही हमला हुआ, साफ खतरा होने के बावजूद आम लोग बीच-बचाव के लिए दौड़े. मैटियू मैग टिघर्नन (जिन्हें स्थानीय लोग मैट कहते हैं) की अगुवाई में एक ग्रुप ने 'हर्लिंग स्टिक' (खेल में इस्तेमाल होने वाले डंडे) उठाए और हमलावर का सामना किया.
बीबीसी और 'द सन' की रिपोर्ट के मुताबिक, मैट हर्लिंग स्टिक से हमलावर के सिर पर हमला करने में कामयाब रहे. इसके बाद आस-पास के दूसरे लोग भी वहां पहुंचे और सूडानी नागरिक को काबू में किया. उस शख्स ने बचाने आए लोगों को काटकर मुकाबला करने की कोशिश की थी.
इसी बीच, इलाके की रहने वाली कैरेन मुलहोलैंड ने घटना होते देखी और एक डिलीवरी ड्राइवर से मिले फोन से UK के इमरजेंसी नंबर 999 पर कॉल किया.
हमले की जानकारी पुलिस देने वाली इलाके की महिला कैरेन मुलहोलैंड ने बताया कि कॉल करते वक्त वह 'सड़क पर खड़ी कांप रही थीं.' उन्होंने BBC News NI को बताया कि वह अपने पार्टनर और बच्चों के साथ घर पर थीं, तभी उन्होंने बाहर चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनी.
मुलहोलैंड ने बताया कि एक डिलीवरी ड्राइवर ने उन्हें अपना फोन दिया, जिससे वे 999 पर बात कर सकें. मैंने कहा, "आपको बस यहां आना है, वह मर जाएगा."
उन्होंने 'आयरिश सन' को बताया, "मैंने उस आदमी की आंखों में दरिंदगी देखी. वह खून से सने अपने होंठ चाट रहा था. उसे इसमें मजा आ रहा था."
नॉर्दर्न आयरलैंड पुलिस सर्विस (PSNI) के अधिकारी कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच गए, जहां उन्होंने हमलावर को गिरफ्तार किया और पीड़ित स्टीफन को प्राथमिक उपचार दिया.
PSNI ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि स्टीफन की हालत गंभीर बनी हुई है और उसके चेहरे, गर्दन और पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं. वहीं, हमलावर पर हत्या की कोशिश, सार्वजनिक जगह पर धारदार या नुकीली चीज रखने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है. उसे बुधवार को बेलफास्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया जाना है.
पुलिस सहित कई लोगों का मानना है कि स्टीफन की जान बचाने में आस-पास मौजूद लोगों और उनकी दखलंदाजी की अहम भूमिका रही.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, असिस्टेंट चीफ कॉन्स्टेबल रयान हेंडरसन ने कहा, "हमारे अफसर कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच गए थे. हम उन आम लोगों की तारीफ करना चाहते हैं, जिन्होंने उस शख्स को और हमले से बचाने की कोशिश की. किसी दूसरे की मदद के लिए आगे आने की उनकी तत्परता अद्भुत बहादुरी और सामुदायिक भावना को दर्शाती है."
हमले के बाद भड़के दंगे
सोमवार की यह घटना, जिसमें साउथैम्पटन के छात्र हेनरी नोवाक की एक सिख हमलावर ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी, उसके कुछ दिनों बाद ही पूरे यूके में विरोध-प्रदर्शन हुए और मंगलवार को बेलफास्ट में हिंसक दंगे भड़क उठे.
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नकाबपोश दंगाइयों (जिनमें से कुछ की उम्र 16 साल बताई जा रही है) ने गाड़ियों में आग लगा दी, सड़कें जाम कर दीं और नस्लीय अल्पसंख्यकों के घरों पर हमले किए.
उत्तरी बेलफास्ट में क्रमलिन रोड के आसपास कई घरों में आग लगी हुई थी. वहां मौजूद एक पादरी ने कहा कि लोगों को उनके घरों से इसलिए निकाला जा रहा था 'क्योंकि वे अश्वेत हैं.' एक अन्य घटना में करीब 100 नकाबपोश लोगों ने एक सड़क पर जाकर दरवाजों पर लात मारी और खिड़कियां तोड़ दीं. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, उनमें से कुछ लोगों को यह कहते हुए सुना गया कि वे 'विदेशियों को बाहर निकाल रहे हैं.'
बेलफास्ट के एक सांसद ने समाचार एजेंसी को बताया, "आप जो देख रहे हैं, वह नस्ल के आधार पर किया जा रहा हमला (पोग्रोम) है. हम देख रहे हैं कि लोग घर-घर जाकर सिर्फ त्वचा के रंग के आधार पर विदेशियों को बाहर निकालने की बात कर रहे हैं."
आरोपी को बुधवार को बेलफास्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया जाना है, इसलिए बेलफास्ट में पुलिस की भारी तैनाती है, लेकिन सोमवार को चाकू से हुए इस हमले का असर शायद कुछ वक्त तक महसूस किया जाता रहेगा.
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