'शेख हसीना को सीधे जेल भेजेंगे...', बांग्लादेश वापसी की अटकलों पर तारिक रहमान सरकार का बयान

बांग्लादेश सरकार का साफ कहना है कि अगर शेख हसीना वापस लौटकर सरेंडर करती हैं, तो उन्हें सीधे जेल जाना होगा. विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने कहा है कि सरकार कानून के हिसाब से सख्त एक्शन लेगी.

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सूत्रों के मुताबिक, शेख हसीना दिसंबर तक ढाका लौटने की तैयारी कर रही हैं. (File Photo: PTI) सूत्रों के मुताबिक, शेख हसीना दिसंबर तक ढाका लौटने की तैयारी कर रही हैं. (File Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:43 PM IST

बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने कहा है कि अगर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना वापस लौटती हैं तो उन्हें जेल भेजा जाएगा. यह बात ऐसे समय में कही गई है जब ऐसी खबरें आ रही हैं कि प्रतिबंधित अवामी लीग की नेता दिसंबर तक ढाका लौटने की तैयारी कर रही हैं.

बता दें, 78 साल की हसीना को 5 अगस्त 2024 को छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद सत्ता से हटा दिया गया था. अपनी सरकार गिरने के बाद से वह भारत में रह रही हैं.

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पिछले साल नवंबर में ढाका की एक विशेष ट्रिब्यूनल ने उन्हें 2024 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान उनकी सरकार की कार्रवाई से जुड़े मानवता के खिलाफ कथित अपराधों के लिए उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी. हालांकि हसीना ने इस फैसले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया.

सोमवार को  शमा ओबैद इस्लाम ने कहा कि अगर हसीना लौटती हैं तो सरकार कानून के तहत कार्रवाई करेगी. सरकारी समाचार एजेंसी BSS के अनुसार उन्होंने कहा, 'अगर वह सरेंडर करती हैं, तो मौजूदा कानून के अनुसार कदम उठाए जाएंगे. उन्हें जेल जाना होगा. कानून अपना काम करेगा.' उन्होंने बताया कि अगर हसीना सरेंडर करती हैं तो सरकार मौजूदा कानूनी ढांचे के अनुसार ही सख्ती से आगे बढ़ेगी.

सूत्रों के अनुसार जानकारी सामने आई थी कि शेख हसीना दिसंबर तक ढाका लौटने की तैयारी कर रही हैं और यह पूरी तरह से उनका अपना फैसला होगा. 

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वहीं, शमा ने कहा, 'शेख हसीना जहां भी सरेंडर करें, चाहे भारत में करे या फिर बांग्लादेश में, उन्हें सबसे पहले जेल जाना होगा. दोषी ठहराए गए व्यक्ति के बयानों पर सरकार को कुछ भी विचार करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि हसीना को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है, इसलिए उनके बयानों पर सरकार को विचार करने की कोई आवश्यकता नहीं है.

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