अमेरिका के डेलावेयर में 21 जून को योग दिवस घोषित, गवर्नर ने नागरिकों से योग करने की अपील की

अमेरिका के डेलावेयर राज्य के गवर्नर मैथ्यू मेयर ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित करते हुए लोगों से योग अपनाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि योग भारत की 5,000 वर्ष पुरानी परंपरा है, जो शरीर, मन और आत्मा को जोड़ती है.

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योग के संदेश के साथ डेलावेयर ने स्वास्थ्य और एकता को दिया बढ़ावा (Representational Photo: Reuters) योग के संदेश के साथ डेलावेयर ने स्वास्थ्य और एकता को दिया बढ़ावा (Representational Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:54 AM IST

अमेरिका के डेलावेयर राज्य के गवर्नर मैथ्यू मेयर ने इंटरनेशनल डे ऑफ योगा यानी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर एक खास ऐलान किया है. उन्होंने एक प्रोक्लेमेशन यानी सरकारी घोषणा जारी की है. इस घोषणा में उन्होंने अपने राज्य के लोगों से कहा है कि वे एक हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए योग को जरूर अपनाएं.

मैथ्यू मेयर ने अपनी घोषणा में बताया कि योग भारत की एक बहुत पुरानी परंपरा है. यह करीब 5000 साल पुरानी प्रैक्टिस है. उन्होंने कहा कि योग में दिमाग, शरीर और आत्मा तीनों को एक साथ जोड़ा जाता है. इससे सेहत और अच्छा महसूस करने में मदद मिलती है.

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गवर्नर ने यह भी कहा कि योग करने से शरीर मजबूत बनता है और लचीलापन बढ़ता है. इसके अलावा दिमाग साफ रहता है और इमोशनल बैलेंस भी बना रहता है. उनके मुताबिक योग स्ट्रेस को मैनेज करने और कम्युनिटी की सेहत को बेहतर बनाने में बहुत काम आता है.

अपनी आधिकारिक घोषणा में गवर्नर मेयर ने लिखा है कि अब वे यह ऐलान करते हैं कि 21 जून 2026 को डेलावेयर राज्य में इंटरनेशनल डे ऑफ योगा के तौर पर मनाया जाएगा. उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि वे एक हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए इस प्रैक्टिस को जरूर एक्सप्लोर करें.

गवर्नर ने यह भी बताया कि यूनाइटेड नेशंस यानी संयुक्त राष्ट्र ने आधिकारिक तरीके से 21 जून की तारीख को इंटरनेशनल डे ऑफ योगा के तौर पर तय किया है. इसका मकसद है कि दुनिया भर के लोगों को योग करने के फायदों के बारे में जागरूक किया जाए.

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उन्होंने यह भी बताया कि डेलावेयर में रहने वाला इंडियन अमेरिकन कम्युनिटी, न्यूयॉर्क में इंडिया के कॉन्सुलेट जनरल के साथ मिलकर लोकल लेवल पर सेलिब्रेशन ऑर्गेनाइज कर रहा है. इसका मकसद लोगों को एक साथ लाना है और हेल्थ को लेकर जागरूक जीवनशैली के जरिए सेहत, शांति और एकता को बढ़ावा देना है.

यह भी पढ़ें: योग दिवस: विशाखापत्तनम में नौसेना का अनोखा प्रदर्शन, लखनऊ में छात्र बनाएंगे रिकॉर्ड

इस पूरी खबर में एक और बड़ी बात सामने आई है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग गुरु एच आर नागेंद्र, न्यूयॉर्क के मशहूर टाइम्स स्क्वेयर में इंटरनेशनल डे ऑफ योगा के सेलिब्रेशन की अगुवाई कर रहे हैं. यह इवेंट रविवार को इंडिया के कॉन्सुलेट जनरल द्वारा ऑर्गेनाइज किया गया है.

अब बात करते हैं कि इंटरनेशनल डे ऑफ योगा शुरू कैसे हुआ. दिसंबर 2014 में यूनाइटेड नेशंस ने 21 जून की तारीख को इंटरनेशनल डे ऑफ योगा के तौर पर ऑफिशियल तौर पर घोषित किया था. यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि योग के यूनिवर्सल फायदों को दुनिया भर में पहचान मिल सके.
जो ड्राफ्ट यूएनजीए रेजोल्यूशन इंटरनेशनल डे ऑफ योगा को स्थापित करने के लिए लाया गया था, उसे इंडिया ने प्रस्तावित किया था. इस प्रस्ताव को रिकॉर्ड 175 देशों ने समर्थन दिया था. यह एक बहुत बड़ी संख्या है, जो दिखाती है कि योग को लेकर दुनिया भर में कितनी स्वीकार्यता है.

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यह प्रस्ताव सबसे पहले पीएम मोदी ने रखा था. उन्होंने यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली के 69वें सेशन की ओपनिंग में अपने भाषण के दौरान यह बात उठाई थी. उस भाषण में मोदी ने कहा था कि योग हमारी पुरानी परंपरा से मिला एक अनमोल तोहफा है.

तभी से, यानी साल 2015 से, हर साल 21 जून को इंटरनेशनल डे ऑफ योगा मनाया जा रहा है. इस साल भी यह परंपरा जारी है, और अमेरिका के डेलावेयर राज्य से लेकर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वेयर तक इसकी धूम देखने को मिल रही है.

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