'80% पाकिस्तान गे, बाकी सब बाइसेक्शुअल...' वायरल हुआ कराची की ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट हिना बलोच का दावा

पाकिस्तान की ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट हिना बलोच ने दावा किया है कि पाकिस्तान की 80 प्रतिशत जनता गे है और बाकी 20 प्रतिशत बाइसेक्शुअल हैं. उन्होंने कहा कि लोग सामाजिक दबाव और धर्म के कारण अपनी असल यौन पहचान छुपाते हैं.

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हिना बलोच का कहना है कि पाकिस्तान में कोई स्ट्रेट नहीं. (Photo: Social Media) हिना बलोच का कहना है कि पाकिस्तान में कोई स्ट्रेट नहीं. (Photo: Social Media)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 8:49 AM IST

पाकिस्तान की मशहूर ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट हिना बलोच ने दावा किया है कि पाकिस्तान की 80 जनता गे है. उनका कहना है कि लोग अपनी असल यौन पहचान छुपाकर रखते हैं और असल में कोई 'स्ट्रेट' नहीं है. उन्होंने ये भी कहा कि बाकी 20 प्रतिशत जनता भी बाइसेक्शुअल है.

'क्वीर ग्लोबल' यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में हिना बलोच ने पाकिस्तान का एक 'ओपन सीक्रेट' रिवील किया. उन्होंने इंटरव्यू के दौरान कहा,'मेरा मानना है कि असल में आधा से ज्यादा पाकिस्तान गे है. वो इसे खुलकर नहीं कहना चाहते.'

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हिना ने कहा, लेकिन मुझे लगता है कि 80% पाकिस्तान गे है और बाकी 20% बाईसेक्सुअल हैं. इसलिए मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान में अपनी कामुकता के मामले में कोई भी स्ट्रेट है.

हिना बलोच के मुताबिक, लोग सामाजिक दबाव, धर्म और पारिवारिक सम्मान के डर से अपनी असल पहचान छिपाते हैं. उन्होंने कहा कि लोग अक्सर अपनी यौन पहचान से इनकार करते हैं और इसमें धर्म और संस्कृति का सहारा लेते हैं. हिना ने कहा, वो इससे इनकार करेंगे, वो इसमें धर्म लाएंगे, वो इसमें संस्कृति लाएंगे, लेकिन ये एक खुला रहस्य है. पाकिस्तान में कोई भी स्ट्रेट नहीं है.

बचपन का संघर्ष और पहचान की जंग

हिना ने अपने निजी अनुभवों को लेकर बताया कि उनके लिए अपनी यौन प्राथमिकता से ज्यादा बड़ी चुनौती अपनी 'जेंडर एक्सप्रेशन' को बचाए रखना था. उन्होंने बताया कि बचपन में लिपस्टिक लगाने, गहने पहनने और औरतों जैसे कपड़े पहनने पर परिवार उनके साथ मारपीट करता था.

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हिना ने 'ख्वाजा सिरा' समुदाय के खराब हालात पर भी बात की. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में इस समुदाय के पास आजीविका के बहुत सीमित और शोषक रास्ते हैं, जैसे भीख मांगना, नाचना या सेक्स वर्क.

अगवा हो गई थीं हिना बलोच!

हिना बलोच पाकिस्तान में 'सिंध मूरत मार्च' की को-फाउंडर रही हैं और 'औरत मार्च' में भी सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं. उन्होंने बताया कि एक विरोध प्रदर्शन के दौरान 'प्राइड फ्लैग' फहराने की वजह से उन्हें हिंसा का सामना करना पड़ा. हिना ने बताया कि उन्हें पहले अगवा किया गया और फिर कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उनके साथ बहुत बदसलूकी की.

हिना ने बताया कि इसी वजह से उन्हें पाकिस्तान छोड़ना पड़ा. उन्हें लंदन यूनिवर्सिटी के SOAS से स्कॉलरशिप मिली और अब उन्होंने यूके में ही शरण ली है हुई है.

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